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भ्रष्टाचार मामले में फंसे पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा को राहत, सुप्रीम कोर्ट ने जमानत रद करने वाली याचिका पर सुनवाई से किया इनकार

Published: Thu, 29 Oct 2026 06:58 PM (IST)

सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा को भ्रष्टाचार के नए मामलों में मिली जमानत रद्द करने की छत्तीसगढ़ सरकार की याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया।

पूर्व IAS अनिल टुटेजा को सुप्रीम कोर्ट से राहत

 पूर्व IAS अनिल टुटेजा को सुप्रीम कोर्ट से राहत

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को छत्तीसगढ़ सरकार को यह छूट दी कि अगर भ्रष्टाचार के मामलों में सेवानिवृत्त वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा को मिली जमानत का दुरुपयोग होता है तो वह उनकी जमानत रद कराने के लिए हाई कोर्ट का रुख कर सकती है।

चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की पीठ ने राज्य सरकार को यह छूट दी। हालांकि पीठ ने छत्तीसगढ़ कैडर के आइएएस अधिकारी को भ्रष्टाचार के नए मामलों में हाई कोर्ट से मिली जमानत को चुनौती देने वाली राज्य सरकार की याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया।

भूपेश बघेल सरकार के दौरान अहम पदों पर रहे टुटेजा भ्रष्टाचार के कई मामलों का सामना कर रहे हैं। इसमें शराब घोटाला, जिला खनिज निधि में कथित अनियमितताएं और कोयला लेवी घोटाला शामिल हैं।

शीर्ष अदालत ने राज्य की अपील का निपटारा करते हुए स्पष्ट किया कि जमानत देते समय हाई कोर्ट की टिप्पणियों का मुकदमे की सुनवाई पर असर नहीं पड़ेगा। चीफ जस्टिस ने कहा, 'अगर जमानत का कोई दुरुपयोग होता है तो राज्य सरकार जमानत रद कराने के लिए हाई कोर्ट जा सकती है। हम आपसे सहमत हैं। इस बात का गहरा संदेह है कि वे भ्रष्टाचार में शामिल हैं, लेकिन इस संदेह को पुख्ता सुबूतों से साबित करना होगा।'

शीर्ष अदालत ने कहा कि जमानत देने वाले जिन आदेशों को चुनौती दी गई है, वे दिसंबर, 2025 और जनवरी, 2026 में पारित किए गए थे। अगर जमानत का दुरुपयोग होता है तो उसे रद कराने के लिए हाई कोर्ट का रुख किया जा सकता है। बता दें कि जमानत मिलने से पहले टुटेजा भ्रष्टाचार के विभिन्न मामलों में 24 जनवरी 2024 से जेल में थे।

(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)