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'आयोग को पहले ही फैसला सुनाना चाहिए था', TMC चिह्न विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में बोले कपिल सिब्बल

Published: Thu, 24 Sep 2026 10:20 PM (IST)

सुप्रीम कोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिह्न फ्रीज मामले में चुनाव आयोग से फैसले के लिए समय ...और पढ़ें

सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से पूछा फैसले की समय सीमा

 सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से पूछा फैसले की समय सीमा

HighLights

  1. सुप्रीम कोर्ट ने TMC चिह्न विवाद पर EC से समय सीमा पूछी।

  2. कपिल सिब्बल ने चुनाव के बीच आदेश पर आपत्ति जताई।

  3. चुनाव आयोग ने निर्देश लेने के लिए सुनवाई टाली सोमवार तक।

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस का नाम और चुनाव चिह्न फ्रीज होने के मामले में गुरुवार को चुनाव आयोग से पूछा कि वह नाम और चुनाव चिह्न के मुद्दे पर कितने समय में फैसला ले लेगा, समय सीमा बताए। चुनाव आयोग के वकील ने निर्देश लेने के लिए कुछ समय मांगा जिसके बाद सुनवाई सोमवार तक के लिए टाल दी गई।

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने आयोग से यह सवाल ममता बनर्जी की याचिका पर सुनवाई के दौरान किया। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने याचिका दाखिल कर पार्टी नाम और चिह्न फ्रीज करने के चुनाव आयोग के फैसले को चुनौती दी है।

गुरुवार को ममता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि चुनाव अधिसूचना जारी होने के बाद बीच चुनाव में आयोग ऐसा आदेश कैसे कर सकता है। मामला पहले से लंबित था आयोग को आदेश पहले करना चाहिए था ताकि वे उसे चुनौती दे सकते। बीच चुनाव में आदेश जारी करने से वे उपचारहीन हो गए हैं।

पीठ ने भी कहा कि अब चुनाव प्रक्रिया शुरू हो चुकी है ऐसे में कोई आदेश देना ठीक नहीं होगा।

सिब्बल ने कहा कि मैं मानता हूं कि प्रक्रिया शुरू हो चुकी है लेकिन उन्हें आशंका है कि जो ये अंतरिम आदेश चुनाव आयोग ने दिया है यही हर चुनाव में जारी होगा। सिब्बल ने कहा कि चुनाव आयोग को निर्देश दिया जाए कि वह अक्टूबर तक फैसला सुना दे। हालांकि तृणमूल के बागी गुट की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि अक्टूबर बहुत जल्दी होगी क्योंकि पक्षकारों को साक्ष्य आदि पेश करने होते हैं।

जब कोर्ट में शिव सेना के चुनाव चिह्न झगड़े का हवाला दिया गया तो कोर्ट की टिप्पणी थी कि हमने देखा है कि शिव सेना मामले में कितनी देरी हुई। इसके बाद कोर्ट ने चुनाव आयोग के वकील से कहा कि आप कितने समय की अपेक्षा करते हैं जिसमें पक्षकार साक्ष्य आदि भी पेश कर पाएं और सुनवाई पूरी कर फैसला दे दिया जाए।

कोर्ट ने कहा कि पक्षकारों को उचित अवसर मिले लेकिन मामला लंबा न खिंचे। चीफ जस्टिस ने वकील से तर्कसंगत समय बताने को कहा इस पर वकील ने निर्देश लेने के लिए सोमवार तक का समय देने का आग्रह किया जिसे स्वीकार करते हुए सुनवाई सोमवार तक के लिए टाल दी।

मालूम हो कि टीएमसी के दोनों गुटों को बीच पार्टी नाम और चुनाव चिह्न को लेकर विवाद चुनाव आयोग में लंबित है इस बीच पश्चिम बंगाल में नंदीग्राम में उपचुनाव घोषित हो गए। आयोग ने दोनों पक्षों के बीच पार्टी और चिह्न को लेकर विवाद को देखते हुए अंतरिम आदेश जारी किया जिसमें टीएमसी पार्टी नाम और फूल और घास चिह्न फ्रीज कर दिया।

इसके साथ ही उप चुनाव में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट की पार्टी का नाम ममता अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस और चुनाव चिह्न फुटबाल खिलाड़ी आवंटित हुआ। जबकि दूसरे गुट को लोकतांत्रिक तृणमूल कांग्रेस नाम और लिफाफा चुनाव चिह्न आवंटित हुआ है।