नई दिल्ली, प्रेट्र। यौन उत्पीड़न आरोपों का सामना कर रहे पत्रकार तरुण तेजपाल के मामले की सुनवाई पूरी करने की अवधि शीर्ष कोर्ट ने 31 मार्च, 2021 तक बढ़ा दी। तेजपाल पर आरोप है कि उन्होंने गोवा में 2013 में एक फाइव स्टार होटल की लिफ्ट में अपनी पूर्व महिला सहकर्मी का कथित रूप से यौन उत्पीड़न किया। हालांकि, तेजपाल ने इन आरोपों से इन्कार किया था।

न्यायमूर्ति अशोक भूषण, न्यायमूर्ति आर सुभाष रेड्डी और न्यायमूति एमआर शाह की पीठ ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से मंगलवार को इस मामले की सुनवाई की। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ से कहा कि संबंधित न्यायाधीश ने मुकदमे की सुनवाई पूरी करने के लिए समय बढ़ाने का अनुरोध किया है। गोवा सरकार ने इससे पहले एक आवेदन दायर कर कोर्ट से अनुरोध किया था कि इस मुकदमे की सुनवाई पूरी करने के लिए समय सीमा बढ़ाई जाए।

सुप्रीम कोर्ट ने समय बढ़ाने का आवेदन रिकार्ड पर लेते हुए इसे 31 मार्च तक बढ़ा दिया। गोवा के मापूसा नगर की अदालत ने तहलका के पूर्व प्रधान संपादक तेजपाल के खिलाफ कथित यौन उत्पीड़न सहित भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं में अभियोग निर्धारित किए हैं। बता दें कि तेजपाल को इस मामले में 30 नवंबर, 2013 को गोवा की अपराध शाखा ने गिरफ्तार किया था। उनकी अग्रिम जमानत कोर्ट ने खारिज कर दी थी। बाद में उन्हें मई 2014 में जमानत मिली। इस मामले में उनके खिलाफ निर्धारित अभियोग निरस्त करने के लिए उनकी याचिका सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल खारिज कर दी थी।

2013 का है यह मामला

तहलका के पूर्व प्रधान संपादक के खिलाफ यह मामला 2013 का है जब गोवा में थिंक फेस्ट के दौरान एक फाइव स्टार होटल की लिफ्ट में तरुण तेजपाल ने सहकर्मी को सेक्शुअली हैरेस किया था। इसके बाद महिला कर्मचारी ने अपने सीनियर्स से इस घटना का जिक्र किया था और मीडिया में पीड़िता, तेजपाल और तहलका की तत्कालीन मैनेजिंग एडिटर शोमा चौधरी के बीच बातचीत की ईमेल भी पब्लिश हुई थी।

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