सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक अधिकारियों के कल्याण के लिए बनाई स्थायी समिति, जस्टिस के.वी. विश्वनाथन करेंगे अध्यक्षता
सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक अधिकारियों के पेशेवर और व्यक्तिगत कल्याण के लिए एक स्थायी समिति का गठन किया है।

सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक अधिकारियों के कल्याण के लिए बनाई स्थायी समिति

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक अधिकारियों के पेशेवर और व्यक्तिगत कल्याण से जुड़े मुद्दों की पहचान और उनके समाधान के लिए स्थायी समिति का गठन किया है। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने शनिवार को इस समिति का गठन किया। इसकी अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस के. वी. विश्वनाथन करेंगे।
विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर गठित समिति में पीजीआइएमईआर, चंडीगढ़ की पूर्व डीन और मनोरोग विभाग की प्रमुख डॉ. सविता मल्होत्रा, मनोवैज्ञानिक एवं स्वानचेतन सोसाइटी फार मेंटल हेल्थ के सह-संस्थापक रजत मित्रा, सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता आन रिकार्ड मृणाल कंवर और सुप्रीम कोर्ट के सेंटर फार रिसर्च एंड प्लानिंग की रजिस्ट्रार आरती सिंह शामिल हैं।
सुप्रीम कोर्ट के अनुसार, यह पहल प्रभावी, स्वतंत्र और टिकाऊ न्याय व्यवस्था के लिए न्यायिक अधिकारियों के कल्याण को प्राथमिकता देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। न्यायिक अधिकारियों को भारी मुकदमा बोझ, लंबे कार्य घंटे, जटिल फैसलों, प्रशासनिक दबाव और संवेदनशील मामलों से जुड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। समिति इन चुनौतियों की समीक्षा कर संस्थागत हस्तक्षेप के क्षेत्रों की पहचान करेगी।
साथ ही, कल्याणकारी उपायों में समन्वय स्थापित करने और अधिकारियों को सहायता देने के लिए दिशा-निर्देश तैयार करेगी। इसका उद्देश्य पूरी न्याय व्यवस्था में अधिकारियों के मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण को बढ़ावा देने वाला स्थायी ढांचा विकसित करना है।
(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
