विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

किसके पास रहेगा TMC का नाम और चुनाव चिह्न? सुप्रीम कोर्ट ने तय की डेडलाइन

Published: Mon, 28 Sep 2026 02:25 PM (IST)Updated: Mon, 28 Sep 2026 03:11 PM (IST)

सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिह्न विवाद पर फैसला करने का निर्देश दिया है।

ममता बनर्जी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का आदेश।

ममता बनर्जी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का आदेश।

HighLights

  1. सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को टीएमसी विवाद पर फैसला करने को कहा।

  2. दोनों गुटों को चार हफ्ते में अपनी दलीलें पूरी करनी होंगी।

  3. चुनाव आयोग को तीन महीने के भीतर अंतिम निर्णय देना होगा।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को चुनाव आयोग को निर्देश दिया कि वह ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के दो विरोधी गुटों के बीच पार्टी के नाम और फूल और घास वाले चुनाव चिह्न को लेकर चल रहे विवाद पर फैसला करे।

चीफ जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची और वी. मोहना की बेंच ने विरोधी गुटों से कहा कि वे चुनाव आयोग के सामने चल रही कार्यवाही में चार हफ्ते के अंदर अपनी दलीलें पूरी कर लें।

ममता बनर्जी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का आदेश

बेंच ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया कि पार्टियों की दलीलें पूरी होने के तीन महीने के भीतर इस मामले पर फैसला किया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। बनर्जी ने टीएमसी के नाम और पार्टी के चुनाव चिह्न को फ्रीज करने के चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ यह याचिका दायर की थी।

चुनाव आयोग ने क्या फैसला लिया था?

चुनाव आयोग ने विवाद पर अंतिम फैसला होने तक दोनों गुटों को ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस नाम और उसके आरक्षित चुनाव चिह्न का इस्तेमाल करने से रोकने का अंतरिम फैसला सुनाया था। इसके बाद आयोग ने दोनों विरोधी गुटों को अलग-अलग नाम और चुनाव चिह्न आवंटित किए थे।

अपने अंतरिम आदेश में चुनाव आयोग ने बनर्जी और अरूप रॉय के नेतृत्व वाले दोनों गुटों के नेताओं की बात सुनने के बाद कहा कि इस मामले में चुनाव चिह्न (आरक्षण और आवंटन) आदेश 1968 के प्रावधानों के तहत आयोग द्वारा ठोस फैसला लिए जाने की जरूरत है।

यह भी पढ़ें: ₹2000 से ज्यादा के UPI पेमेंट पर देना होगा अतिरिक्त चार्ज, SC का केंद्र के फैसले पर रोक लगाने से इनकार