नई दिल्ली, एएनआइ। सुप्रीम कोर्ट ने सांसदों और विधायकों को लोक सेवक(Public Servants) घोषित करने और अदालतों में वकील के रूप में प्रैक्टिस करने से रोकने की मांग से जुड़ी नई याचिका खारिज कर दी है।

मार्च 2017 में भाजपा नेता अश्विनी कुमार उपाध्याय द्वारा सर्वोच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई थी। जनहित याचिका में लोक सेवकों, निर्वाचित प्रतिनिधियों और न्यायपालिका के सदस्यों को एक साथ अन्य व्यवसायों का अभ्यास करने और इसे आपराधिक कदाचार के रूप में घोषित करने पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई।

बीसीआई नियम(BCI Act) 49 के अनुसार, एक वकील किसी भी व्यक्ति, सरकार, फर्म, निगम या चिंता का पूर्णकालिक वेतनभोगी कर्मचारी नहीं होगा, इसलिए जब तक वह इस तरह के किसी भी रोजगार को लेने के लिए प्रैक्टिसजारी रखेगा। बीसीआई नियम और एक वकील के रूप में अभ्यास करना बंद कर देगा, इसलिए जब तक वह इस तरह के रोजगार में है।'

Posted By: Shashank Pandey

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