नई दिल्ली, प्रेट्र। राफेल मामले में फैसले को चुनौती देने वाली कुछ वकीलों की दोषपूर्ण पुनर्विचार याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को गहरी नाखुशी व्यक्त की। इस मामले में कई पुनर्विचार याचिकाएं दाखिल हुई हैं। इनमें आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद संजय सिंह की याचिका भी शामिल है।

प्रधान न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई और जस्टिस संजीव खन्ना की पीठ ने कहा कि वकील सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री में याचिकाएं दाखिल करते हैं और याचिकाओं में खामियां दूर करने की बजाय मीडिया में जाकर पब्लिसिटी हासिल करते हैं।

शीर्ष अदालत ने यह टिप्पणी तब की जब वह वकीलों की तत्काल सुनवाई की मांग पर विचार कर रही थी। प्रधान न्यायाधीश ने सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार (न्यायिक) को बुलाकर मामलों की सुनवाई की प्रक्रिया बताने को भी कहा ताकि रजिस्ट्री के अधिकारी अपना काम सही तरीके और बेहतर कुशलता के साथ कर सकें।

इससे पूर्व सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल 14 दिसंबर को उन याचिकाओं को खारिज कर दिया था जिनमें भारत और फ्रांस के बीच 36 राफेल विमान खरीद सौदे को चुनौती दी गई थी। अदालत का कहना था कि यह मौका निर्णय लेने की प्रक्रिया पर संदेह करने का नहीं है।

शीर्ष अदालत ने उन याचिकाओं को भी खारिज कर दिया था जिनमें एफआइआर दर्ज करने और 58 हजार करोड़ रुपये के सौदे में कथित अनियमितताओं की अदालत की निगरानी में जांच कराने की मांग की गई थी। मालूम हो कि राफेल एक दो इंजन वाला बहुउद्देश्यीय लड़ाकू विमान है जिसका निर्माण फ्रांस की एरोस्पेस कंपनी दासौ एविएशन करती है।

 

Posted By: Arun Kumar Singh

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