नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। यौन उत्पीड़न के शिकार बालकों को भी दुष्कर्म पीड़िताओं की तरह मुआवजा मिलेगा। सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल लीगल सर्विस अथारिटी (नालसा) की यौन उत्पीड़न और एसिड हमले की शिकार महिलाओं के लिए बनाई गई पीडि़त मुआवजा योजना को बाल यौन उत्पीड़न निरोधक कानून (पॉक्सो) के मामलों में भी लागू करने का आदेश दिया है।

कोर्ट ने कहा है कि जब तक केंद्र सरकार पॉक्सो कानून में पीडि़तों को मुआवजा देने के बारे मे नियम बनाती है, तब तक नालसा की मुआवजा योजना को पॉक्सो मामलों में भी दिशा-निर्देश के तौर पर लागू किया जाएगा। नालसा की पीडि़त मुआवजा योजना 2 अक्टूबर से पूरे देश में लागू होनी है।

पॉक्सो कानून जेन्डर न्यूट्रल है। इसमें 18 वर्ष तक के बालक और बालिकाएं बच्चे माने गए हैं। बालिकाओं के यौन उत्पीड़न मामले मे आइपीसी की दुष्कर्म की धारा भी शामिल हो जाती थी। इससे पीडि़त बच्चियों को नालसा योजना के तहत मुआवजा मिल सकता था, लेकिन बालक उसमें नहीं आते थे।
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ये आदेश बुधवार को न्यायमूर्ति मदन बी लोकूर की अध्यक्षता वाली पीठ ने यौन उत्पीड़न के शिकार लोगों को मुआवजे के मुद्दे पर सुनवाई करते हुए दिये। सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि सरकार ने अभी तक पॉक्सो कानून के तहत पीडि़तों को मुआवजे के रूल नहीं बनाए हैं।

इसके मुताबिक पॉक्सो मामलों की सुनवाई कर रही विशेष अदालतें पीडि़त नाबालिगों को मुआवजा देने का आदेश दें। पीठ ने कहा कि उनका मानना है कि जब तक सरकार पॉक्सो के तहत मुआवजा देने के बारे में नियम बनाती है, तब तक नालसा की मुआवजा योजना पॉक्सो मामलों के बारे में भी लागू होनी चाहिए।

कोर्ट ने नालसा की योजना और इस आदेश के प्रति सभी उच्च न्यायालयों के रजिस्ट्रार जनरल को भेजने का आदेश दिया है। ताकि वे इसे निचली अदालतों और जिला व राज्य विधिक सेवा अथारिटी को भेज सकें। कोर्ट ने नालसा की मुआवजा योजना और कोर्ट के आदेश की व्यापक पब्लिसिटी का भी आदेश दिया है।
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मामले पर सुनवाई के दौरान महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ओर से कोर्ट को बताया गया कि पॉक्सो कानून में संशोधन का प्रस्ताव है। कानून में संशोधन होने के बाद रूल बनाए जाएंगे। इससे पहले न्यायमित्र इंद्रा जयसिंह ने कहा कि नालसा योजना पूरे देश में 2 अक्टूबर से लागू होने वाली है। उसमें मुआवजा की सीमा तय है जबकि पॉक्सो कानून में मुआवजा नियम नहीं हैं।

क्या है नालसा मुआवजा योजना?
-सामूहिक दुष्कर्म पीडि़त को न्यूनतम 5 लाख और अधिकतम 10 लाख मुआवजा मिलेगा
-इसी तरह दुष्कर्म पीडि़त और अप्राकृतिक यौनाचार की शिकार पीडि़त को न्यूनतम 4 लाख और अधिकतम 7 लाख मुआवजा मिलेगा।
-एसिड अटैक पीडि़त (जिसका चेहरा बिगड़ गया हो) को न्यूनतम 7 लाख और अधिकतम 8 लाख तक मुआवजा मिलेगा।
-एसिड अटैक में चोट 50 फीसद से ज्यादा होने पर न्यूनतम 5 लाख और अधिकतम 8 लाख मुआवजा मिलने का नियम है।

Posted By: Vikas Jangra