नई दिल्‍ली, एजेंसी। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सीबीआई (केंद्रीय जांच ब्‍यूरो) को निर्देश दिया कि वह पूर्व सांसद अतीक अहमद और उसके सहयोगियों द्वारा एक कारोबारी के कथित अपहरण और उसे टॉर्चर किए जाने के मामले की जांच करे। मुख्‍य न्‍यायाधीश रंजन गोगोई की अध्‍यक्षता वाली पीठ ने अतीक अहमद को गुजरात की एक जेल में भेजने का भी निर्देश दिया। इसके साथ ही सर्वोच्‍च अदालत ने अतीक अहमद के खिलाफ लंबित 106 मामलों में उत्तर प्रदेश प्रशासन से चार हफ्ते में स्‍टेटस रिपोर्ट मांगी है। फ‍िलहाल, अतीक अहमद उत्तर प्रदेश की जेल में बंद हैं। 

बता दें कि दिसंबर 2018 में लखनऊ के आलमबाग क्षेत्र के निवासी रियल एस्टेट कारोबारी मोहित जायसवाल को अतीक अहमद के गुर्गों ने कथित तौर पर अगवा कर लिया था। मोहित जायसवाल के मुताबिक, उन्‍हें देवरिया जेल ले जाया गया था। तब बाहुबली पूर्व सांसद अतीक अहमद देवरिया जेल में बंद थे। कारोबारी को जेल की बैरक में ले जाकर पीटा गया था और संपत्ति से जुड़े कई दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करा लिये गये थे।

मामले में आलमबाग कोतवाली में अतीक अहमद समेत अन्य आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था।इस दुस्साहसिक घटना के बाद कारागारों की सुरक्षा-व्यवस्था को लेकर बड़े सवाल खड़े हुए थे। शासन ने देवरिया जेल के डिप्टी जेलर समेत चार जेलकर्मियों को निलंबित करने के साथ ही अतीक अहमद को बरेली जेल स्थानान्तरित कर दिया गया था। बीते दिनों डीएम बरेली ने शासन को पत्र लिखकर सुरक्षा कारणों से अतीक अहमद को बरेली जेल से अन्य जेल में स्थानान्तरित किये जाने की सिफारिश की थी।

Posted By: Krishna Bihari Singh

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