नई दिल्ली, (पीटीआई)। एक दिन पहले एस्सार प्रमोटर रवि रुइआ को विदेश जाने की अनुमति देने से इन्कार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने एक धनी महिला की ओर इशारा किया था। टिप्पणी करते हुए शीर्ष अदालत ने किसी का नाम नहीं लिया था। शीर्ष अदालत ने कहा था 'अब हम दूध के जले हैं, छाछ भी फूंक कर पीते हैं।' मीडिया के एक हिस्से ने इसे विजय माल्या के खिलाफ टिप्पणी मान लिया।

एक वकील ने बुधवार को 28 अगस्त के एक आदेश की प्रति बांटी। यह फैसला जस्टिस जेएस खेहर की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुनाया था। एक आपराधिक मामले की आरोपी रीतिका अवस्थी से पीठ नाराज थी। अदालत से अनुमति लेकर ब्रिटेन गई रीतिका वापस नहीं लौटी थी और पीठ ने उनका पासपोर्ट निरस्त करने का आदेश दिया था। वकील ने अपना नाम जाहिर नहीं करने देने की शर्त पर कहा कि उस मामले में एक प्रतिवादी की तरफ से वह भी पेश हुए थे।

2जी घोटाले के आरोपी रविकांत रुइया को SC से झटका, विदेश जाने की अर्जी खारिज

Posted By: Manish Negi