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'ऑटिज्म के लिए स्टेम सेल थेरेपी से जुड़े मामले में चार सप्ताह में स्टेटस रिपोर्ट सौंपे केंद्र', सुप्रीम कोर्ट का निर्देश

Published: Thu, 30 Jul 2026 10:32 PM (IST)

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर के लिए स्टेम सेल थेरेपी मामले में चार सप्ताह के भीतर विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को चार सप्ताह में रिपोर्ट मांगी

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को चार सप्ताह में रिपोर्ट मांगी

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को केंद्र सरकार को एक विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया। रिपोर्ट में यह बताना होगा कि सरकार आटिज्म स्पेक्ट्रम डिसआर्डर (एएसडी) के लिए स्टेम सेल थेरेपी से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को किस तरह लागू करने का इरादा रखती है।

शीर्ष अदालत ने 30 जनवरी के एक फैसले में कहा था कि चिकित्सा विशेषज्ञ एएसडी के लिए किसी स्वीकृत और निगरानी वाले क्लीनिकल ट्रायल या शोध व्यवस्था के बाहर स्टेम सेल उपचार को क्लीनिकल सर्विस के तौर पर उपलब्ध नहीं करा सकते।

मंजूर क्लीनिकल ट्रायल के बाहर मरीजों पर स्टेम सेल का कोई भी इस्तेमाल अनैतिक है और इसे गलत मेडिकल प्रैक्टिस माना जाना चाहिए। यह फैसला एक याचिका पर सुनाया गया था, जिसमें देश भर के कई क्लीनिकों द्वारा एएसडी के इलाज के लिए स्टेम सेल थेरेपी के बड़े पैमाने पर प्रचार, प्रिस्क्रिप्शन और इस्तेमाल से जुड़ी चिंताएं उठाई गई थीं।

यह मामला गुरुवार को जस्टिस जे बी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की बेंच के सामने आया। बेंच ने कहा कि स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से उसके सामने एक छोटा हलफनामा दाखिल किया गया है।

बेंच ने कहा, 'विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के लिए चार हफ्ते का समय देते हैं। इसमें यह बताया जाए कि केंद्र सरकार ने फैसले पर किस तरह से विचार किया है, जारी निर्देशों को लागू करने की क्या योजना है और अब तक क्या कदम उठाए गए हैं।'

(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)