नई दिल्‍ली, एजेंसी। Saradha chit fund case सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को शारधा चिट फंड मामले में सीबीआइ से कहा कि यदि वह पूर्व कोलकाता पुलिस कमिश्‍नर राजीव कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ करना चाहती है तो उसे इसके लिए ठोस सबूत दाखिल करने होंगे। साथ ही अदालत को कस्‍टोडियल इंटेरोगेशन के लिए संतुष्‍ट करना होगा। बता दें कि केंद्रीय जांच एजेंसी ने राजीव कुमार से पूछताछ के लिए हिरासत में लेने की मांग को लेकर शीर्ष अदालत में याचिका दाखिल की है। 

अदालत इस मामले में अब कल सुनवाई करेगी। इससे पहले राजीव कुमार ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल करके आरोप लगाया था कि सीबीआइ कथित तौर पर भाजपा नेता मुकुल रॉय और कैलाश विजयवर्गीय के इशारे पर काम कर रही है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने राजीव कुमार से हुई पूछताछ के बारे में दाखिल स्टेटस रिपोर्ट को देखकर कहा था कि रिपोर्ट में बहुत गंभीर बातें हैं। 

बता दें कि सीबीआइ ने सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल करके घोटाले की जांच कर रही पश्चिम बंगाल एसआइटी के मुखिया रहे पूर्व कोलकाता पुलिस आयुक्त राजीव कुमार पर साक्ष्यों से छेड़छाड़ करने और न्यायालय के आदेश की अवहेलना करने का आरोप लगाया है। साथ ही पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव मलय कुमार डे, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) वीरेंद्र पर भी अवमानना के आरोप लगाए हैं। 

...और धरने पर बैठ गई थीं ममता बनर्जी
इस मामले में नाटकीय मोड़ तब आया जब तीन फरवरी को सीबीआइ अधिकारी कोलकाता के तत्कालीन पुलिस आयुक्त राजीव कुमार के घर गए और उन्हें राज्य पुलिस ने बंधक बना लिया। बाद में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सीबीआइ कार्रवाई के खिलाफ धरने पर बैठ गई थीं और उनके साथ राजीव कुमार भी धरने में शामिल थे। इस घटना के अगले ही दिन आनन फानन में सीबीआइ सुप्रीम कोर्ट पहुंची थी और उसने अधिकारियों पर कोर्ट के आदेश की अवमानना का आरोप लगाया था।

Posted By: Krishna Bihari Singh

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