नई दिल्ली, आइएएनएस। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सरकार को सख्त लहजे में चेताया कि वह सेना में महिलाओं के कमीशन पर जल्द फैसला ले। शीर्ष अदालत ने कहा कि वह चाहे तो आदेश पास कर सकती है, लेकिन वह इसका श्रेय लेने का मौका सरकार को दे रही है।

जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि मार्च, 2019 से पहले से शॉर्ट सर्विस कमीशन (एसएससी) के तहत सेना में भर्ती होने वाली महिला अधिकारियों को सरकार स्थायी कमीशन देने पर विचार करे। बता दें कि सेना ने मार्च, 2019 के बाद एसएससी के तहत सेना में आने वाली महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन देने का फैसला किया था। पीठ ने कहा कि उक्त अवधि से पहले से सेना में काम करने वाली महिला अधिकारियों को इसमें शामिल करने से अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की अलग छवि बनेगी।

सेना की महिला अधिकारियों की याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने मार्च 2010 में उन्हें स्थायी कमीशन देने का आदेश दिया था। इस फैसले के खिलाफ केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। इसी पर सुनवाई करते हुए पीठ ने केंद्र के वकील से कहा कि वे 28 नवंबर को इस पर अपना सकारात्मक पक्ष लेकर आएं।

गौरतलब है कि इस साल फरवरी में सेना की 10 शाखाओं में महिला अधिकारियों को स्थाई कमीशन देने का निर्णय लिया गया था। महिला अधिकारियों की ओर से अधिवक्ता एश्र्वर्या भट्टी ने कोर्ट से कहा कि जिस अवधि से महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन देने का फैसला किया गया है, उससे उन महिला अधिकारियों को लाभ नहीं मिलेगा, जिन्होंने इसके लिए लड़ाई लड़ी थी।

 

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