नई दिल्ली, एजेंसी। गुरुवार 21 मार्च को वसंत पूर्णिमा की रात को आसमान का नजारा कुछ अलग होगा। पृथ्वी से करीब होने के कारण चांद रोजाना के मुकाबले आकार में थोड़ा बड़ा दिखाई देगा। जानकारों की मानें तो 19 साल बाद वसंत के पहले दिन ऐसा नजारा देखने को मिलेगा। इसके बाद ऐसा नजारा साल 2030 में दिखाई देगा। इसे super worm moon नाम दिया गया है। बता दें कि यह साल का तीसरा और आखिरी Supermoon है। इससे पहले यह 21 जनवरी और 19 फरवरी को दिखाई दिया था। 

हालांकि, विश्व के कई देशों में इसका नजारा 20 मार्च की रात में दिखाई देगा, लेकिन भारत में यह 21 मार्च को नजर आएगा। हर Supermoon को अलग-अलग नामों से जाना जाता है।

GOOGLE ने बनाया DOODLE

Google ने आज इसे लेकर Doodle (Google Doodle) बनाया है। इसमें एक फूल खिला दिखाई दे रहा है। जो वसंत की शुरुआत का प्रतीक बताया जा रहा है।  

21 जनवरी और 19 फरवरी का Supermoon  

इससे पहले 21 जनवरी 2019 को साल का पहला Supermoon दिखाई दिया था। इस दौरान चांद लाल तांबे के रंग जैसा नजर आया था। इस खगोलीय घटना को Super Blood Wolf Moon नाम दिया गया था। इसके बाद 19 फरवरी को साल का दूसरा  Supermoon दिखाई दिया था। इसे Super Snow Moon नाम दिया गया था। 

क्या है Supermoon 

चांद पृथ्वी के सबसे करीब आता है तो बड़े आकार में दिखता है। साथ इस स्थान पर उसे सूर्य मिलने वाली रोशनी से चमक बढ़ी हुई दिखती है। इस दौरान पृथ्वी से उसकी दूरी करीब 3,60,000 किलोमीटर रहती है। वर्षों बाद यह खगोलीय घटना होती है। Supermoon से समुद्र में ऊंची लहरें भी उठती हैं।

Posted By: Tanisk

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