अब भारत में बनेंगे सुपरजेट-100 विमान, HAL और रूस के बीच हुआ मेक इन इंडिया वाला समझौता
HAL और रूस की UAC ने हैदराबाद में 'विंग्स इंडिया' प्रदर्शनी में सुपरजेट-100 विमान के भारत में उत्पादन के लिए ...और पढ़ें

भारत में बनेगा रूसी सुपरजेट-100 विमान (फाइल फोटो- airdatanews)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत की एयरोस्पेस कंपनी हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) और रूस की यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉर्पोरेशन (UAC) ने नागरिक उड्डयन क्षेत्र में एक ऐतिहासिक साझेदारी की है। दरअसल, HAL और UAC ने हैदराबाद में आयोजित 'विंग्स इंडिया' प्रदर्शनी के दौरान रूस के प्रसिद्ध सुपरजेट-100 (SJ-100) विमान के भारत में उत्पादन के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए।
रूसी एजेंसी TASS की रिपोर्ट के अनुसार, हैदराबाद में विंग्स इंडिया अंतरराष्ट्रीय विमानन प्रदर्शनी के दौरान इस समझौते को लेकर हस्ताक्षर किया गया। इस समझौते का मुख्य उद्देश्यमेक इन इंडिया' पहल को सशक्त बनाना और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के लिए विदेशी आयात पर भारत की निर्भरता को कम करना है।
हस्ताक्षर समारोह आयोजित किया गया। इस समझौते के तहत, HAL क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के लिए आयात पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से "मेक इन इंडिया" पहल का समर्थन करते हुए, दो इंजन वाले नैरो-बॉडी जेट विमानों का लाइसेंस-आधारित उत्पादन करेगी।
-1769679060417.jpg)
HAL का लक्ष्य
एचएएल के सीएमडी डीके सुनील ने बुधवार को हैदराबाद में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि कंपनी का लक्ष्य अगले तीन वर्षों में अपनी मौजूदा सुविधाओं में सेमी नॉक-डाउन एसजे100 विमानों का उत्पादन शुरू करना है। उन्होंने आगे कहा कि अगले एक-डेढ़ साल में हम लगभग 10 विमान प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारत जैसे देश के लिए हमें 200 से अधिक विमानों का अच्छा बाजार नजर आ रहा है।
सुनील ने बताया कि उनका उद्देश्य उत्पादन का इंतजार करना नहीं, बल्कि विमानों को जल्द से जल्द तैनात करना है। एचएएल लगभग 10 से 20 विमान लीज पर लेना चाहेगी, जिन्हें रूस से सीधे उड़ान भरने योग्य स्थिति में खरीदा जा सकता है।
बता दगें कि SJ100 एक कुशल और उच्च तकनीक वाला वाणिज्यिक विमान है। यह विमान अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग करके बनाया गया है। आमतौर पर इसमें 87 से 108 सीटें होती हैं। यह विमान वर्तमान में नौ रूसी एयरलाइनों और कई रूसी और विदेशी सरकारी ऑपरेटरों द्वारा संचालित किया जाता है।
