नई दिल्ली, आइएएनएस। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक विदेशी छात्रों की एंट्री पर लगाम लगाना चाहते हैं। प्रधानमंत्री के प्रवक्ता ने कहा कि इमीग्रेशन आंकड़ों से पता चलता है कि ब्रिटेन में विदेशी छात्रों की संख्या रिकार्ड स्तर पर पहुंच गया है। इसलिए प्रधानमंत्री इस कदम पर विचार कर रहे हैं। इसके तहत शीर्ष विश्वविद्यालयों में एडमिशन को नियंत्रित किया जा सकता है। छात्रों के स्वजन को मिलने वाले वीजा को भी प्रतिबंधित किया जा सकता है।

इस बीच सरकार के माइग्रेशन सलाहकार ने चेतावनी दी कि इस कदम से ब्रिटेन के कई विश्वविद्यालय दिवालिया हो सकते हैं। ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था के लिए भी यह कदम हानिकारक हो सकता है। स्काटिश नेशनल पार्टी ने प्रस्ताव का विरोध करते हुए स्काटलैंड में विदेशी छात्रों के योगदान की प्रशंसा की है।

गौरतलब है कि वर्ष 2020-21 में ब्रिटेन के विश्वविद्यालयों में विदेशी छात्रों की संख्या 605,130 थी, जो पिछले वर्ष के कुल 556,625 छात्रों से 8.71 प्रतिशत अधिक थी। विदेशी छात्रों ने वर्ष 2020-21 के लिए ट्यूशन फीस के तौर पर कुल 9.95 बिलियन पाउंड का भुगतान किया। चीन के मुकाबले भारतीय छात्रों को मिले अधिक वीजा प्रेट्र के अनुसार ब्रिटेन में विदेशी छात्रों के बीच चीन को पछाड़कर भारतीय छात्रों का समूह पहली बार सबसे बड़ा हो गया है।

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गुरुवार को जारी इमीग्रेशन आंकड़ों के अनुसार 2019 के 34,261 के मुकाबले सितंबर 2022 में समाप्त वर्ष में भारतीयों को 1,27,731 अध्ययन वीजा जारी किए गए जो 93,470 (273 प्रतिशत) अधिक हैं। ब्रिटेन में अध्ययन वीजा पाने वाले विदेशी छात्रों में चीन के नागरिक दूसरे स्थान पर हैं। सितंबर, 2022 में खत्म हुए वर्ष में 1,16,476 चीनी छात्रों को वीजा जारी किए गए थे।

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Edited By: Shashank Mishra

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