जबलपुर, राज्य ब्यूरो। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की अधीनस्थ अदालतें सोमवार से प्रायोगिक तौर पर खुल जाएंगी। यह प्रक्रिया पांच दिसंबर तक जारी रहेगी। यदि यह अनुभव अनुकूल रहा, तो इसे आगे भी बढ़ाया जा सकता है। जबलपुर में अजय कुमार सिंह, एचआर नायडू व एलके सोनी को प्रायोगिक सुनवाई सफल बनाने के लिए गठित समन्वय कमेटी में शामिल किया गया है।

मामलों को वरीयता क्रम में सुना जाएगा 

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय यादव के आदेश पर रजिस्ट्रार जनरल राजेंद्र कुमार वानी ने उक्त आशय का परिपत्र जारी किया। इन मामलों को वरीयता क्रम में सुना जाएगा आदेश के तहत रिमांड, जमानत, सिविल व क्रिमिनल अपील व रिवीजन, पांच साल पुराने क्रिमिनल मामले, एक्सीडेंट क्लेम, सीआरपीसी की धारा--125 से 128 तक से संबंधित मामले हाई कोर्ट द्वारा निर्धारित समय-सीमा के मामले तथा त्वरित कार्रवाई योग्य मामले वरीयता क्रम में सुने जाएंगे।

कोरोना गाइडलाइन का पालन अनिवार्य होगा

जबलपुर जिला बार अध्यक्ष सुधीर नायक व सचिव राजेश तिवारी ने बताया कि जिला अदालतों में भौतिक सुनवाई की प्रायोगिक व्यवस्था के बीच कोरोना गाइडलाइन का पूर्णत: पालन अनिवार्य किया जाएगा। इसके तहत सभी को अदालत परिसर के भीतर शारीरिक दूरी, मास्क व सैनिटाइजर का इस्तेमाल करना होगा।

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