नई दिल्ली। सिजोफ्रेनिया से पीडि़त लोगों में स्मृति कमजोर होने की वजहों का पता लगा लिया गया है। अब इसे दूर करने का मार्ग प्रशस्त हो सकता है। इस बीमारी के चलते याद्दाश्त कमजोर होने की समस्या आम है, लेकिन वैज्ञानिकों ने इस दिशा में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।

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अमेरिकी शोधकर्ताओं के मुताबिक सिजोफ्रेनिया के चलते डोरसोलेटरल प्रीफ्रंटल कोर्टेक्स (डीएलपीएफसी) की गतिविधियों में व्यवधान उत्पन्न होता है। मस्तिष्क का यह हिस्सा चीजों या घटनाओं को याद रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वैज्ञानिकों ने बताया कि अध्ययन में सिजोफ्रेनिया के पीडि़तों में डीएलपीएफसी की गतिविधि असामान्य पाई गई है।

शोध में स्वस्थ और इससे पीडि़त लोगों को शामिल किया गया था। सिजोफ्रेनिक लोगों में मतिभ्रम की स्थिति ज्यादा पाई गई। शोधकर्ताओं को उम्मीद है कि ऐसे लोगों को स्मृति लोप की समस्या से बचाया जा सकेगा।

Posted By: Monika minal