नईदुनिया, बिलासपुर। सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) कक्षा बारहवीं राजनीति विज्ञान के विद्यार्थी नए सत्र से भाजपा का उदय और कांग्रेस के पतन पर आधारित नया पाठ पढ़ेंगे। स्वतंत्र भारत में राजनीति पार्ट-2 नामक विषय में इंदिरा गांधी, कांग्रेस, इमरजेंसी का दौर, अयोध्या विवाद से लेकर वर्तमान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राजनीति से जुड़े ज्ञान अर्जित करेंगे।

उक्त पाठ्यक्रम छत्तीसगढ़ समेत देश के 18 राज्यों में लागू होगा। किताब में एनसीईआरटी ने सारे पहलुओं को शामिल करने का दावा किया है। किताब में ग्राफिक्स के माध्यम से ये भी जानेंगे कि कैसे 1984 से 2014 तक के हर लोकसभा चुनावों के साथ कांग्रेस नीचे की तरफ गई और भाजपा ने अपने स्तर में बढ़ोतरी की। इसे एक नई सहमति का उदय नाम दिया गया है।

इसी तरह 16वीं लोकसभा में विभिन्न दलों की स्थिति और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 281 सीट लेकर जीत का ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाने को भी ग्राफिक्स से दिखाया गया है। 1989 के आम चुनाव में कांग्रेस की हार के साथ किसी दूसरी पार्टी को चुनाव में बहुमत नहीं मिला था। किताब में इसे कांग्रेस का पतन का नाम दिया गया है, क्योंकि इसी हार के बाद उसका दबदबा खत्म होकर बहुदलीय शासन-प्रणाली का युग शुरू हुआ। बोर्ड ने इसे लेकर पहले ही स्कूलों को अवगत करा दिया है।

किताब में आडवाणी,करुणानिधि व महंत भी

एनसीईआरटी कि किताब में बड़े राजनीतिक चेहरों को दिखाया गया है। विद्यार्थियों को अयोध्या मामले से जुड़े घटनाक्रम के बारे में भी बताया जाएगा। दिसंबर 1992 में अयोध्या में विवाद हुआ। इसी दौरान देश में राष्ट्रवाद और धर्मनिरपेक्षता पर बहस तेज हुई। इन बदलावों का संबंध भाजपा के उदय और हिंदुत्व की राजनीति से भी जोड़ा गया है। किताब में राजीव गांधी, वीपी सिंह, एलके आडवाणी, चंद्रशेखर, ज्योति बसु, एनटी रामाराव, देवीलाल, पीके महंत, के. करणानिधि को दिखाया गया है।

कट्टरपंथी संगठनों को लेकर विस्तार

राजनीति विज्ञान पार्ट-2 में दिखाया गया कि भाजपा वर्तमान मोदी सरकार के काल में ही मुस्लिम महिला हितैषी नहीं है, बल्कि 1985 में भी शाहबानो मामले में भी उसने पीडि़ता का साथ दिया था। मामले में मुस्लिम महिला शाहबानो ने पूर्व पति से गुजारा भत्ता हासिल करने के लिए अदालत से गुहार लगाई थी। बाद में फैसला शाहबानो के पक्ष में आया, लेकिन कट्टरपंथी मुस्लिम संगठनों ने अदालत का फैसला बदलवा दिया। तब भाजपा कांग्रेस सरकार के खिलाफ खड़ी हुई थी।

किताब आने पर स्पष्ट होगा

बोर्ड एनसीईआरटी के माध्यम से कक्षा छह से लेकर बारहवीं तक अलग-अलग पाठ्यक्रम में चरणबद्ध बदलाव कर रहा है। 12वीं कक्षा में राजनीति विज्ञान में राजनीति विज्ञान पार्ट-2 को शामिल करने की कवायद जारी है। नए सत्र से पहले किताब आने पर स्पष्ट होगा।

-केके मिश्रा, प्रिसिंपल

एसईसीआर इंग्लिश मीडियम हायर सेकेंडरी स्कूल, बिलासपुर, छत्तीसगढ़

Posted By: Sanjeev Tiwari