अहमदाबाद। पाकिस्तानी मछुआरों के साथ डेढ़ साल पहले पकड़े गए एक किशोर को अभी भी अपने परिवार से मिलने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। हालांकि उसके पिता को जुलाई में ही स्वदेश भेज जा चुका है लेकिन अभी तक लड़के की पहचान प्रमाणित नहीं हो पाने की वजह से उसकी पाकिस्तान वापसी अटकी हुई है।

देवभूमि द्वारिका जिले के पुलिस अधीक्षक जगदीश पटेल ने बताया कि गुलाम हुसैन (13) को पिछले साल मार्च से जामनगर के बाल निगरानी गृह में रखा गया है। उन्होंने बताया, 'दोनों देशों की ओर से कुछ आवश्यक सत्यापन प्रक्रियाओं की वजह से लड़के को रिहा नहीं किया गया है।' एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, गुलाम हुसैन को उसके पिता जुम्मन समेत 88 मछुआरों के साथ पकड़ा गया था।

पिछले साल वे गुजरात के तटीय जिले देवभूमि द्वारिका से दूर भारतीय जल क्षेत्र में प्रवेश कर गए थे। उन्हें भारतीय तटरक्षक बल ने गिरफ्तार किया था। उन्होंने बताया, 'हालांकि उसके पिता समेत करीब सभी दूसरे लोग पहचान प्रमाणित होने के बाद रिहा कर दिए गए।'

जुम्मन समेत 88 मछुआरों को जुलाई में रिहा कर दिया गया और वाघा सीमा के रास्ते पाकिस्तान भेज दिया गया। अधिकारी ने कहा, 'लेकिन कुछ वजहों से गुलाम हुसैन की पहचान प्रक्रिया नहीं हो पाई और उसे जामनगर निगरानी गृह में ही रहना पड़ रहा है।'

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