मुंबई (प्रेट्र)। नासिक से मुंबई तक पैदल मार्च करने वाले किसानों व आदिवासियों द्वारा मुश्‍किलों का सामना किए जाने पर किसानों के नेता रघुनाथ पाटिल ने बुधवार को कहा कि भूखों रहना या जख्‍मी पैर उनके लिए नई बात नहीं है।

रिपोर्टरों से बात करते हुए उन्‍होंने कहा, ‘काम के लिए पैदल ही लंबी दूरी तय करने से जख्‍मी हुए पैर या भूखों रहने में इनके लिए कुछ नया नहीं है।‘ किसानों की मुश्‍किलों को राज्‍य सरकार के सामने रखते हुए पाटिल इसपर चर्चा करेंगे। पिछले साल गठित कमिटी में पाटिल सदस्‍य हैं। उन्‍होंने बताया कि कमिटी के सदस्‍यों को रैली के आयोजकों ने आमंत्रित नहीं किया इसलिए वे सब नहीं शामिल हुए हैं।

बता दें कि किसानों की कमिटी जो 35 किसान यूनियन का संगठन है, 19 मार्च को एक दिन का अन्न सत्याग्रह आयोजित करेगी। शेतकारी संगठन के मुखिया रघुनाथ पाटिल ने कहा, 'भाजपा-शिवसेना सरकार किसानों को आत्महत्या करने से रोकने में नाकाम रही है। यह भूख हड़ताल आत्महत्या कर चुके किसानों के परिवारों के प्रति एकजुटता दिखाएगी।' पाटिल ने कहा, ‘हम 23 मार्च को पूरे महाराष्‍ट्र में रैलियां करेंगे।‘

By Monika Minal