नई दिल्ली, एएनआइ। श्रीलंका में 21 अप्रैल को हुए आतंकी हमलों के बाद वहां मौजूदा सुरक्षा स्थिति को देखते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय ने अपने नागरिकों को सलाह दी है कि वे बिना जरूरत यात्रा न करें। विदेश मंत्रालय का कहना है कि जब बहुत ज्यादा जरूरी हो तभी यात्रा की जाए।

विदेश मंत्रालय का कहना है कि जिन्हें यात्रा करना बहुत जरूरी हो वे पहले कोलंबो में भारत के उच्चायोग से संपर्क कर सकते हैं, या किसी भी सहायता के लिए हम्बनटोटा और जाफना में वाणिज्य दूतावास से भी मदद ली जा सकती है। भारतीय उच्चायोग का हेल्पलाइन नंबर भारतीय हाई कमीशन की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।
 

बता दें कि श्रीलंका के कोलंबो और आसपास ईस्‍टर के मौके पर सीरियल ब्‍लॉस्‍ट को अंजाम दिया गया। इसमें तीन चर्च और तीन फाइव स्‍टार होटल को निशाना बनाया गया। इसमें लगभग 250 से ज्यादा लोग मारे गए। इससे पहले श्रीलंका लंबे समय तक गृहयुद्ध की चपेट में था। वेलुपिल्लई प्रभाकरण ने कुछ साथियों के साथ मिलकर ‘लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम’लिट्टे नाम का एक संगठन बनाया।

श्रीलंका में अब तक के 5 बड़े धमाके 

1- 11 जून 1990 को श्रीलंका के पूर्वी प्रान्त में आतंकी हमला हुआ था। इस हमले में लिट्टे (LTTE) ने 600-774 पुलिसकर्मियों का नरसंहार कर दिया था। यह दुनिया के सबसे बड़े आतंकी हमलों में से एक था। लिट्टे द्वारा पहले पुलिसकर्मियों का अपहरण किया और बाद में उन पुलिसकर्मियों को मौत के घाट उतार दिया गया। इस नरसंहार में कुछ पुलिसकर्मी सकुशल निकलने में कामयाब भी हो गये थे।

2- 18 जुलाई, 1996 को पूर्वी प्रांत में मूलाथिवी कैंप में नरसंहार को अंजाम दिया गया, जिसमें 207 लोगों की मौत हो गई।

3- 3 अगस्‍त, 1990 को बटि्टकलोवा जिले के कुटानकुडी की मस्जिद में नरसंहार को अंजाम दिया गया, जिसमें 147 लोगों की मौत गई।

4- 14 मई 1985 को अनुराधापुरा नरसंहार को अंजाम दिया गया, जिसमें 146 लोगों की मौत हो गई।

5- 31 जनवरी, 1996 को कोलंबो सेंट्रल बैंक में धमाके को लिट्टे ने अंजाम दिया गया। बम से लैस ट्रक को बैंक में घुसा दिया था, जिसमें 113 लोगों की मौत हो गई।

Posted By: Nitesh

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