नई दिल्ली (पीटीआई)। चीन से लगी भारतीय सीमा की सुरक्षा करते हुए सशस्त्र बलों के घायल और शहीद जवानों को केंद्र सरकार ने अंतत: 'विशिष्ट पारिवारिक पेंशन' देने का फैसला किया है। हालांकि यह पेंशन पीछे की तारीख से देने की सेना की पुरानी मांग नहीं मानी है। इसी तरह उदार फैमिली पेंशन सशस्त्र सेना के केवल उन्हीं अफसरों को मिलेगी जिनकी तैनाती पाकिस्तान से लगी अंतरराष्ट्रीय सीमा (आइबी) या नियंत्रण रेखा (लाइन ऑफ कंट्रोल) पर है।

चीन और पाकिस्तान से लगी सीमा पर तैनात जवानों को दी जाने वाली यह फैमिली पेंशन सामान्य फैमिली पेंशन से अधिक होगी। विशिष्ट फैमिली पेंशन के लिए आखिर वेतन की सौ फीसद राशि के रूप में दी जाएगी। जबकि सामान्य फैमिली पेंशन आखिरी वेतन का केवल 30 फीसद ही होती है।

रक्षा मंत्रालय की जारी एक अधिसूचना के अनुसार फैमिली पेंशन की यह योजना इसी सात मार्च से लागू होगी। यह अधिसूचना जारी होने से पहले निस्तारित किए जा चुके पेंशन के सभी मुद्दों को फिर से नहीं देखा जाएगा। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने वादा किया है कि वह चीन से लगी 4000 किलोमीटर लंबी लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलओसी) की सुरक्षा कर रहे जवानों को विशिष्ट फैमिली पेंशन देंगी।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार सेना बराबर इस बात का दबाव डाल रही थी कि यह विशिष्ट फैमिली पेंशन पिछले साल जून से लागू की जाए जब डोकलाम में भारत और चीन के बीच टकराव हुआ था। इस योजना के तहत भारत और चीन की सीमा पर तैनात सुरक्षा बल घायल होने या शहीद होने या फिर प्राकृतिक आपदा या आग लगने से मरने पर उनका परिवार इस विशिष्ट पेंशन का हकदार होगा। अधिसूचना के मुताबिक वहीं, उदार फैमिली पेंशन के तहत एक्सिडेंटल डेथ या घायल होने को कवर किया जाएगा। फिर चाहे वह प्राकृतिक आपदा जैसे बाढ़, बर्फीले तूफान, भूस्खलन, आग लगना, बिजली गिरना, नदी में डूबना या फिर शहीद होना हो।

 

Edited By: Kishor Joshi