राजस्थान से शुरू हुई दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी, देश में 15% कम हुई बारिश
दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी पश्चिमी राजस्थान से शुरू हो गई है, जो सामान्य तिथि से दो दिन पहले हुई है। ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
पश्चिमी राजस्थान से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी शुरू।
देशभर में 15 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई।
अल नीनो की स्थिति कम बारिश का मुख्य कारण।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी शुरू हो गई है। मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, शनिवार तक पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून वापस लौट गया है। अगले तीन से चार दिनों में राजस्थान के कुछ और हिस्सों और पंजाब, सौराष्ट्र व कच्छ के कुछ इलाकों से भी इसके वापस लौटने के हालात अनुकूल हैं।
मौसम विभाग ने कहा, "दक्षिण-पश्चिम मानसून 19 सितंबर को पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से वापस चला गया है, जबकि इसकी सामान्य वापसी की तारीख 17 सितंबर थी।" चार जून को केरल में दस्तक देने के बाद, नौ जुलाई तक दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरे भारत में फैल गया था।
15 प्रतिशत कम दर्ज की गई बारिश
चार जून से 19 सितंबर के बीच देश में बारिश में 15 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। फिलहाल, सबसे ज़्यादा प्रभावित इलाका दक्षिणी प्रायद्वीप है, जहां बारिश में 29 प्रतिशत की कमी है।
31 अगस्त को जारी अपनी मासिक भविष्यवाणी में, मौसम विभाग ने बताया था कि पिछले महीने भारत में 213.3 मिलीमीटर बारिश हुई, जो 2001 के बाद से अगस्त के महीने में हुई सातवीं सबसे कम बारिश थी।
इस मानसून में अब तक सिर्फ जुलाई ही ऐसा महीना रहा है, जिसमें औसत से अधिक बारिश हुई है। जुलाई में औसत बारिश 280.5 मिलीमीटर होती है, जबकि इस महीने देश में 283.3 मिलीमीटर बारिश हुई।
जून में कुल बारिश में 35 प्रतिशत की कमी रही। इस महीने में औसत बारिश 165 मिलीमीटर होती है, लेकिन सिर्फ 106.8 मिलीमीटर बारिश ही दर्ज की गई। कम बारिश का एक मुख्य कारण जून में अल नीनो की स्थिति का बनना रहा है।
नई दिल्ली, प्रेट्र : दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी शुरू हो गई है। मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, शनिवार तक पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून वापस लौट गया है। अगले तीन से चार दिनों में राजस्थान के कुछ और हिस्सों और पंजाब, सौराष्ट्र व कच्छ के कुछ इलाकों से भी इसके वापस लौटने के हालात अनुकूल हैं।मौसम विभाग ने कहा, "दक्षिण-पश्चिम मानसून 19 सितंबर को पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से वापस चला गया है, जबकि इसकी सामान्य वापसी की तारीख 17 सितंबर थी।" चार जून को केरल में दस्तक देने के बाद, नौ जुलाई तक दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरे भारत में फैल गया था। चार जून से 19 सितंबर के बीच देश में बारिश में 15 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। फिलहाल, सबसे ज़्यादा प्रभावित इलाका दक्षिणी प्रायद्वीप है, जहां बारिश में 29 प्रतिशत की कमी है।31 अगस्त को जारी अपनी मासिक भविष्यवाणी में, मौसम विभाग ने बताया था कि पिछले महीने भारत में 213.3 मिलीमीटर बारिश हुई, जो 2001 के बाद से अगस्त के महीने में हुई सातवीं सबसे कम बारिश थी। इस मानसून में अब तक सिर्फ जुलाई ही ऐसा महीना रहा है, जिसमें औसत से अधिक बारिश हुई है। जुलाई में औसत बारिश 280.5 मिलीमीटर होती है, जबकि इस महीने देश में 283.3 मिलीमीटर बारिश हुई। जून में कुल बारिश में 35 प्रतिशत की कमी रही। इस महीने में औसत बारिश 165 मिलीमीटर होती है, लेकिन सिर्फ 106.8 मिलीमीटर बारिश ही दर्ज की गई। कम बारिश का एक मुख्य कारण जून में अल नीनो की स्थिति का बनना रहा है।
