इंदौर, राज्य ब्यूरो। मध्य प्रदेश के इंदौर में नगर निगम परिषद के बजट सम्मेलन की शुरुआत होते ही गफलत में पार्षदों से राष्ट्र गान का अपमान हो गया। शुरुआत में परंपरा के मुताबिक राष्ट्र गीत 'वंदे मातरम' गाया जाता है, लेकिन पार्षद राष्ट्र गान 'जन-गण-मन..' गाने लगे। जब गलती का अहसास हुआ तो निगम सभापति ने सभी को टोका। इस पर 'जन-गण-मन' रोककर पार्षदों ने 'वंदे मातरम' गाना शुरू कर दिया।

सत्ता पक्ष के पार्षदों द्वारा 'जन-गण-मन' रोककर वंदे मातरम गाए जाने पर नेता प्रतिपक्ष फौजिया अलीम और अन्य कांग्रेसी पार्षदों ने आपत्ति की। उन्होंने राजस्व समिति प्रभारी सूरज कैरो पर आरोप लगाया कि कैरो ने ऐसा किया और बाद में सत्तापक्ष के अन्य पार्षदों ने यही किया। यह राष्ट्र गान का अपमान है। गफलत में 'जन-गण-मन' गा दिया गया था तो कम से कम उसे पूरा गा लेते। उसके बाद 'वंदे मातरम' गाया जा सकता था।

इस बात को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने हो गए और हंगामा करने लगे। शुरुआत में काफी देर तक हंगामा होता रहा और यही स्थिति सम्मेलन के बाद भी रही। भाजपा पार्षदों का कहना था कि गफलत में ऐसा हुआ है। बाद में नेता प्रतिपक्ष कांग्रेस पार्षदों के साथ निगमायुक्त के पास गई और उनसे कैरो व अन्य के खिलाफ जांच कर कार्रवाई करने का आग्रह किया।

निगमायुक्त ने नेता प्रतिपक्ष से लिखित में शिकायत करने को कहा और जांच का आश्वासन दिया। इसके बाद कांग्रेस पार्षदों ने संभागायुक्त आकाश त्रिपाठी, कलेक्टर लोकेश जाटव, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रचिवर्धन मिश्र और निगमायुक्त आशीष सिंह को मामले की शिकायत की। उन्होंने अफसरों से आग्रह किया कि सम्मेलन की सीडी देखकर अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए।

सम्मेलन के बाद जताया खेद

सभापति अजयसिंह नरूका ने सम्मेलन खत्म होने के बाद शुरुआत में हुई गफलत को लेकर खेद जताया। महापौर ने कहा कि यह गफलत नेता प्रतिपक्ष के कारण हुई है। वे हंगामा कर रही थीं, इसलिए पार्षद नहीं सुन पाए कि वंदे मातरम गाना है या जन-गण-मन।

थाने में करेंगे शिकायत, कोर्ट में लगाएंगे याचिका

कांग्रेस प्रवक्ता प्रमोद द्विवेदी ने बताया कि वे भाजपा पार्षदों द्वारा राष्ट्र गान के अपमान की शिकायत थाने में भी करेंगे और उसके बाद जिला कोर्ट में याचिका भी दायर करेंगे।

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Posted By: Bhupendra Singh