जागरण संवाददाता, जयपुर। राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने पुलिस कांस्टेबल परीक्षा में नकल कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए जयपुर से 10 लोगों को हिरासत में लिया है। इस मामले में पांच एग्जामिनर से भी पूछताछ की गई। इनमें से 7 लोग हरियाणा और महाराष्ट्र के, शेष 3 राजस्थान के रहने वाले हैं।

राजस्थान पुलिस कांस्टेबल के लिए पहली बार ऑनलाइन परीक्षा आयोजित की जा रही है। परीक्षा 7 मार्च से शुरू हुई जो 45 दिन तक चलेगी। इसके लिए पुलिस मुख्यालय ने एफटैक कंपनी को कम्प्यूटर सहित अन्य संसाधन उपलब्ध कराने का ठेका दिया है। परीक्षा के लिए राजधानी जयपुर सहित 10 शहरों में सेंटर्स बनाए गए हैं।

एसओजी के आइजी दिनेशन एमएन ने बताया कि अब तक छह परीक्षाएं हो चुकी हैं, जिनमें एक गिरोह द्वारा नकल कराए जाने की बात सामने आई। इस पर जांच शुरू की गई है। इस मामले में रविवार देर रात जयपुर के मालवीय नगर क्षेत्र से सरस्वती इंफोटेक इंस्टीट्यूट से महाराष्ट्र के मालेगांव निवासी विकास मलिक और अमोल महाजन एवं हरियाणा के सोनीपत निवासी अभिमन्यु सिंह, संजय छिकारा, अंकित सहरावत, अमित जाट, रोहित, जयपुर के जनक सिंह सहित दो अन्य को हिरासत में लिया गया है। वहीं इंस्टीट्यूट के दो संचालक मुख्तार और कपिल फरार हो गए हैं।

दिनेश एमएन ने बताया कि जयपुर के मालवीय नगर में सरस्वती इंफोटेक इंस्टीट्यूट में परीक्षा केन्द्र बनाया गया था। यह इंस्टीट्यूट करीब तीन माह पहले ही यहां संचालित होने लगा है, इससे पहले दिल्ली में संचालित होता था।

पुलिस मुख्यालय ने इस इंस्टीट्यूट में बनाए गए परीक्षा केंद्र में परीक्षा कराने का जिम्मा एप्टेक कंपनी को दिया गया। इस कंपनी के कर्मचारियों ने इंस्टीट्यूट के संचालकों से मिलीभगत कर ली और पास ही एक होटल की छत पर ऐसे उपकरण लगा दिए, जिनसे परीक्षा देने वालों को नकल कराई जा सके। परीक्षा देने वालों से संपर्क कर प्रत्येक पेपर की नकल का पैसा तय कर लिया गया। दिनेश एनएम ने बताया कि पूरे प्रकरण का खुलासा मंगलवार तक आरोपियों से पूछताछ पूरी होने के बाद हो सकेगा।

By Bhupendra Singh