नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। राजपूताना शौर्य और स्थापत्य ने यूनेस्को का मन मोह लिया है। राजस्थान में पहाड़ियों पर बने छह किलों [हिल फोर्ट] को एक साथ विश्व धरोहर की सूची में शामिल कर लिया गया है। जबकि हिमाचल प्रदेश के हिमालयन राष्ट्रीय पार्क को इस सूची में शामिल करने पर अभी फैसला होना बाकी है।

पिछले साल केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय का जिम्मा संभालने वाली चंद्रेश कुमारी कटोच की पहली कोशिश उनके लिए उपलब्धि बन गई। गौरतलब है कि कटोच राजस्थान से आती हैं जबकि उनका पैतृक घर हिमाचल रहा है। ऐसे में अगर यूनेस्को हिमालयन पार्क को भी धरोहर की सूची में शामिल कर लेता तो एक साथ कर्मभूमि और पैतृक भूमि को संबोधित कर पातीं। गुरुवार को कुछ पत्रकारों से बातचीत में कटोच ने बताया कि 8वीं से लेकर 19 वीं सदी तक बने राजस्थान के छह किलों को उनकी राजपूताना सैनिक स्थापत्य के लिए चुना गया है। इनमें चित्ताौड़गढ़, कुंभलगढ़, रणथंभौर, जैसलमेर, आमेर और गागरौन किला शामिल है। गागरौन पानी के बीच है तो जैसलमेर रेत पर बसा है। जबकि रणथंभौर जंगलों के बीच है।

कटोच ने आशा जताई कि हिमालयन पार्क को भी शामिल किया जा सकता है। इसे प्राकृतिक धरोहर की सूची के लिए नामांकित किया गया था। गौरतलब है कि फिलहाल भारत की 29 धरोहरें विश्व धरोहर सूची में शामिल हैं। इसमें 23 सांस्कृतिक धरोहर हैं तो छह प्राकृतिक।

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