श्रीनगर, जेएनएन। उत्‍तर भारत के कई राज्‍यों में भारी बारिश और हिमपात अब परेशानी का सबब बनता जा रहा है। जम्मू कश्मीर के कुलगाम जिले में गुरुवार को जवाहर सुरंग के पास श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर हिमस्खलन होने से छह पुलिसकर्मियों सहित दस लोग लापता हो गए थे। चौबीस घंटे चले बचाव कार्य के बाद सात लोगों के शव आैर तीन लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। 

डीसी अनंतनाग मोहम्मद युनूस मल्लिक ने बताया कि काजीगुंड में जवाहर सुरंग के उत्तरी छोर पर वीरवार को यह हिमस्खलन हुआ था। जब हिमस्‍खलन हुआ, तब पुलिस पोस्‍ट पर कुल 20 लोग मौजूद थे। हिमस्खलन के बाद 10 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया, जबकि अन्य 10 की तलाश जारी थी। इन 10 लोगों में 6 पुलिसकर्मी, दो अग्निशमन के कर्मी व दो कैदी शामिल थे। बचाव दल में पुलिस, अर्धसैनिक बल, एसडीआरएफ और स्थानीय लोग शामिल थे। सुबह सबसे पहले टीम ने दो पुलिसकर्मियों को बर्फ से निकाला आैर काजीगुंड अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया। देर शाम तक टीम ने सात शव बरामद किए जबकि एक अन्य को जीवित बाहर निकाला। बचाए गए लोगों में एसपीओ गुलजार व दो अन्य शामिल हैं जिनकी पहचान अभी तक नहीं हो पार्इ है। 

बता दें कि कश्मीर घाटी में बुधवार से ही बर्फबारी हो रही है। पिछले 24 घंटे में कुलगाम जिले में सबसे अधिक हिमपात हुआ हैं। जिले के कुछ हिस्सों में पांच फीट तक बफबारी हुई। स्नो एंड एवेलांच स्टडीज स्टैब्लिशमेंट ने अगले 24 घंटे के लिए जम्मू कश्मीर के 22 जिलों में से 16 के लिए विभिन्न स्तर की हिमस्खलन चेतावनी जारी की है।

मौसम विभाग ने पहले ही भारी हिमपात और हिमस्‍खलन की आशंका जता दी थी। इसलिए हिमस्‍खलन से पहले ही सेना ने 78 परिवारों को यहां से सुरक्षित स्‍थानों पर भेज दिया था। अधिकारियों ने बताया कि हिमस्‍खलन के कारण काफी नुकसान हुआ है। बिजली को वापस सामान्य रूप में बहाल करने में कुछ समय लगेगा।

Posted By: Tilak Raj

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