नई दिल्ली, एएनआइ। बालाकोट के दौरान अपने ही एमआइ-17 हेलीकॉप्टर को मिसाइल से मार गिराने के मामले में वायुसेना के दो अधिकारियों का कोर्ट-मार्शल होगा। 27 फरवरी को श्रीनगर में बड़गाम के पास हुए इस हादसे में वायुसेना के छह जवान शहीद हो गए थे और आम नागरिक की भी मौत हो गई थी। इस मामले में चार अधिकारियों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई भी की जाएगी। इनमें दो एयर कोमोडोर (सेना में ब्रिगेडियर के बराबर) और दो फ्लाइट लेफ्टिनेंट (सेना में कैप्टन के बराबर) शामिल हैं।

रक्षा सूत्रों ने बताया कि लापरवाही के लिए ग्रुप कैप्टन और विंग कमांडर रैंक के दो अधिकारियों का कोर्ट-मार्शल होगा। श्रीनगर स्थित 154 हेलीकॉप्टर इकाई का यह हेलीकॉप्टर उड़ान भरने के 10 मिनट बाद ही दुर्घटना का शिकार हो गया था। जबकि, जहां यह हादसा हुआ वहां से लगभग 100 किलोमीटर दूर पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने भारत में हमले की कोशिश की थी, जिन्हें विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान समेत भारतीय पायलटों ने खदेड़ दिया था।

वायुसेना के नवनियुक्त प्रमुख आरकेएस भदौरिया ने पद संभालने के तुरंत बाद कहा था कि गलती से वायुसेना ने अपने हेलीकॉप्टर को मार गिराया था और इस मामले की कोर्ट ऑफ इंक्वायरी पूरी हो चुकी है। हादसे के शिकार हेलीकॉप्टर को स्क्वाड्रन लीडर सिद्धार्थ वशिष्ट उड़ा रहे थे।

ज्ञात हो कि भारतीय सेना ने 26 फरवरी को पाकिस्‍तान के बालाकोट में एयर स्ट्राइक की थी। इसके अगले दिन पाकिस्तान ने भारतीय सैन्य प्रतिष्ठानों पर हवाई हमले की नाकाम कोशिश की थी। उस दिन इंडियन वायुसेना ने गलती से अपने ही एक हेलिकॉप्टर एमआई 17 हेलीकाप्टर को मार गिराया था, जिसमें 6 अधिकारी शहीद हुए थे और एक आम नागरिक नागरिक मारा गया था।

Posted By: Arun Kumar Singh

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