कांग्रेस ने सीईसी के साथ पीएम मोदी और गृहमंत्री का इस्तीफा भी मांगा, SIR तत्काल रोकने की मांग
कांग्रेस ने चुनाव आयोग के कामकाज पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की है।
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कांग्रेस ने पीएम मोदी, अमित शाह और सीईसी के इस्तीफे की मांग की

समय कम है?
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संजय मिश्र, नई दिल्ली। अब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही कांग्रेस ने अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा गृहमंत्री अमित शाह पर भी सियासी निशाना साधा है।
कांग्रेस कार्यसमिति की मंगलवार हुई बैठक में प्रस्ताव पारित कर चुनावों में 'मैच-फिक्सिंग और 'वोट चोरी' का आरोप लगाते हुए ज्ञानेश कुमार के तुरंत इस्तीफे के साथ ही पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग उठा दी।
इतना ही नहीं पार्टी ने एसआइआर प्रक्रिया को तत्काल रोकने और वोटर लिस्ट से अब तक हटाए गए 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट में फिर से शामिल करने की मांग भी की है।
कांग्रेस ने पीएम, शाह और CEC के इस्तीफे की मांग की
देश भर में विपक्षी दलों के साथ मिलकर संसद से सड़क तक राजनीतिक विरोध अभियान शुरू करने का भी फैसला किया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में ढाई घंटे तक हुई कार्यसमिति की इस बैठक में पार्टी संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी, वरिष्ठ नेताओं के साथ पार्टी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी मौजूद थे।
कांग्रेस के संगठन महासचिव वेसी वेणुगोपाल और संचार महासचिव जयराम रमेश ने बैठक में पारित प्रस्ताव का हवाला देते हुए कहा कि चुनाव आयोग के कामकाज से जुड़ी हालिया रिपोर्टों ने "वोट चोरी" पर राहुल गांधी की लगातार चेतावनियों को न केवल सही साबित किया है बल्कि आयोग की स्वतंत्रता और विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
चुनाव आयोग अब 'वन-मैन शो' बनकर रह गया
सूत्रों के अनुसार बैठक में जो प्रस्ताव लाया गया उसमें ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा और एसआईआर निलंबित करने की मांग थी। लेकिन मल्लिकार्जुन खरगे ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का संदर्भ देते हुए कहा कि ज्ञानेश कुमार तो छोटी मछली हैं, बड़ी मछली का इस्तीफा मांगना चाहिए। इसके बाद कार्यसमिति ने पीएम मोदी और गृहमंत्री शाह के इस्तीफे की मांग को प्रस्ताव में शामिल किया
कार्यसमिति ने प्रस्ताव में कहा कि चुनावी प्रक्रिया को लेकर चिंताएं इसलिए बढ़ गई हैं क्योंकि ऐसी रिपोर्टें हैं कि चुनाव आयोग अब 'वन-मैन शो' बनकर रह गया है जिसमें सीईसी सलाह-मशविरा किए बिना ही फैसले ले रहे हैं।
एसआईआर में वोटर लिस्ट केंद्रीयकृत नियंत्रण चुनाव आयोग की पारदर्शिता और संस्थागत कामकाज पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
तुरंत रोका जाए SIR: विपक्ष
एसआईआर की संवैधानिक वैधता पर सवाल उठाते हुए 13 करोड़ 30 लाख काटे जा चुके नामों को वोटर लिस्ट में जोड़ने की मांग करते हुए इसे संविधान के अनुच्छेद 14 के तहत समानता की गारंटी और अनुच्छेद 326 के तहत सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार का उल्लंघन बताया गया।
इससे पूर्व बैठक में अपने संबोधन में मल्लिकार्जुन खरगे ने भी पीएम मोदी से 'नैतिक आधार' पर इस्तीफे की मांग की और आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने लोकतांत्रिक संस्थाओं को व्यवस्थित रूप से कमजोर किया है। ज्ञानेश कुमार पर हमला बोलते हुए खरगे ने कहा 'अंग्रेजों से हमने वोट का हक छीनकर लिया था।
आज उसी को बचाने के लिए फिर लड़ना पड़ रहा है। मुख्य चुनाव आयुक्त मोदी सरकार की कठपुतली बन गया है। संविधान ने जिसे पूरी ताकत दी, जनता के वोट का चौकीदार बनाया, वही वोटों का लुटेरा बन बैठा है।'
