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क्या आपको भी मिला SIR का नोटिस? 99 प्रतिशत नाम व उम्र में गड़बड़ी, EC ने दिए ये संकेत

Published: Mon, 21 Sep 2026 08:38 PM (IST)Updated: Mon, 21 Sep 2026 09:37 PM (IST)

चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान जारी नोटिसों पर स्पष्टीकरण दिया है। 99 प्रतिशत ...और पढ़ें

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HighLights

  1. SIR नोटिसों में 99% नाम और उम्र की गड़बड़ियां।

  2. चुनाव आयोग ने नोटिसों की अवधि बढ़ाने के संकेत दिए।

  3. प्रत्येक मतदान केंद्र पर नोटिसों की सुनवाई के लिए कैंप।

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान दिए जा रहे जिन नोटिसों को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल खड़े हो रहे है, दरअसल उनमें से 99 प्रतिशत नोटिस नाम और उम्र की गड़बड़ी से जुड़े है।

यह स्थिति अकेले दिल्ली की नहीं है बल्कि देश के उन सभी 15 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की है, जहां अभी एसआईआर के तीसरे चरण का काम चल रहा है। इनमें महाराष्ट्र, कर्नाटक, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा व आंध्र प्रदेश जैसे प्रमुख राज्य शामिल है। आयोग की मानें तो पासपोर्ट और दसवी-बारहवीं के अंक पत्र की तरह ही मतदाता सूची में भी नामों को लेकर कोई गड़बड़ी नहीं चाहते है।

उदाहरण के तौर खुद चुनाव आयुक्त डॉ. सुखवीर सिंह संधु को ऐसी गड़बड़ियों को लेकर नोटिस जारी किया है। जिसमें उन्होंने एसआईआर के दौरान फार्म में अपना नाम डा एसएस संधु लिखा, जबकि मैपिंग में पाया गया कि पिछले एसआईआर के दौरान मतदाता सूची में उनका नाम सुखवीर सिंह संधु दर्ज था। ऐसे में नोटिस जारी कर उनसे पूछा गया है कि उनका क्या नाम दर्ज किया जाए।

इसके साथ ही चुनाव आयोग ने दिल्ली सहित कई राज्यों में एसआईआर से जुड़े नोटिसों की काफी संख्या होने के चलते इसकी अवधि बढ़ाने के संकेत भी दिए है। साथ ही राज्यों से चल रहे एसआईआर की प्रगति रिपोर्ट भी मांगी है।

माना जा रहा है कि इस रिपोर्ट के आने के बाद राज्यों के अनुरोध पर जरूरी समय बढ़ा दिया जाएगा। वैसे भी जिन राज्यों में हाल-फिलहाल कोई चुनाव नहीं है, वहां एसआईआर को लेकर वह बिल्कुल भी जल्दबाजी में नहीं है। इसके साथ ही आयोग ने सभी राज्यों में ऐसे नोटिस पर सुनवाई के लिए प्रत्येक मतदान केंद्र पर कैंप लगाने के निर्देश दिए है। दिल्ली में इस पर अमल भी शुरू हो गया है।

गौरतलब है कि एसआईआर के तीसरे चरण में 19 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल किया गया था, इनमें सिक्किम, मणिपुर, मिजोरम, दमन-दीव को छोड़ दें बाकी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों मे अभी काम चल रहा है।