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SIR और CJP नेताओं की गिरफ्तारी पर गरमाई सियासत, जगन मोहन रेड्डी ने जताई कार्रवाई पर नाराजगी

Published: Thu, 15 Oct 2026 10:41 PM (IST)

एसआईआर और सीजेपी नेताओं की गिरफ्तारी पर गरमाई सियासत के बीच अब तटस्थ दल भी चुनाव आयोग पर सवाल उठा ...और पढ़ें

एसआईआर और सीजेपी गिरफ्तारी पर गरमाई सियासत (फाइल फोटो)

एसआईआर और सीजेपी गिरफ्तारी पर गरमाई सियासत (फाइल फोटो)

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संजय मिश्र, नई दिल्ली। विपक्षी आइएनडीआई गठबंधन की एसआईआर-वोट चोरी मुद्दे पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की घेरेबंदी के लिए बढ़ती देख अब पक्ष-विपक्ष दोनों खेमों से बाहर रहने वाली पार्टियों में भी अब अपनी राजनीतिक दिशा तय करने की बेचैनी साफ दिखने लगी है।

बीजद के विपक्षी मार्च में हिस्सा लेने के बाद वाईएसआर कांग्रेस के नेता जगनमोहन रेड्डी ने चुनावी प्रक्रिया दुरूस्त करने और जंतर-मंतर पर तिरंगा लेकर जाने वाले सीजेपी नेताओं को जेल भेजे जाने पर सवाल उठाया है।

संसद में कई मौकों पर भाजपा की मददगार रही तेलंगाना की क्षेत्रीय पार्टी भारत राष्ट्र समिति सीइसी के खिलाफ विपक्ष के साथ सीधे मैदान में नहीं उतरी हो मगर मगर एसआइआर पर तीखे सवाल उठा रही है। हालांकि इस सबके बावजूद द्रमुक अभी भी आइएनडीआइ से दूरी बनाए हुए है।

एसआईआर पर विपक्षी आंदोलन की अगुवाई कर रही कांग्रेस इन दलों की भाजपा से अर्से से रही निकटता के बावजूद उनके उठाए सवालों को 'वोट चोरी' मुद्दे पर जमीनी राजनीति गरमाने का संकेत मान रही है।

पार्टी का आकलन है कि सीजेपी तथा छात्र संगठनों के आहृवान पर देश में सीईसी के खिलाफ माहौल है। ऐसे में तटस्थ पार्टियों के लिए अपना स्पष्ट दृष्टिकोण साफ करने का दबाव बन गया है। वैसे हकीकत यह भी है कि वाइएसआर कांग्रेस, बीजद और बीआरएस के विपक्षी गठबंधन की छतरी में जाने की अभी कोई संभावना नहीं है।

कांग्रेस इसके बावजूद जगन के सीजेपी के समर्थन तथा चुनाव आयोग पर दिए बयान को लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी के ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों के आंदोलन को शिवजी की बारात में सबको शामिल करने के आहृवान से जोड़ रही है।

एसआईआर पर सभी आंदोलनों को एक ही बताने की राहुल की घोषणा से सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके के सहमति जताने के बाद विपक्षी दलों को अपने लोकतंत्र बहाली आंदोलन में युवाओं की बड़ी भागीदारी की उम्मीद दिखने लगी है।

सीजेपी नेताओं की गिरफ्तारी तथा एसआईआर पर सवाल उठाते हुए एक्स पोस्ट में जगनमोहन रेडडी ने कहा प्रतिक्रियावादी रवैये की तुलना में सक्रिय दृष्टिकोण हमेशा बेहतर परिणाम देता है। सिस्टम में एक खामी है जिसे ठीक करने की जरूरत है। विपक्षी दलों तथा सीजेपी के बाद तटस्थ दलों का यह रूख जाहिर तौर पर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के और तेज होने के साफ संकेत है।