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बारिश से गंगटोक बेहाल, कई इलाकों में भूस्खलन; NH-10 बंद

Published: Fri, 18 Sep 2026 08:56 PM (GMT+05:30)Updated: Fri, 18 Sep 2026 08:57 PM (GMT+05:30)

लगातार बारिश के कारण सिक्किम की राजधानी गंगटोक में कई इलाकों में भूस्खलन और मिट्टी खिसकने से जनजीवन प्रभावित हुआ है।

गंगटोक में लगातार बारिश से कई इलाकों में भूस्खलन (फोटो-ANI)

गंगटोक में लगातार बारिश से कई इलाकों में भूस्खलन (फोटो-ANI)

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डिजिटल डेस्क, गंगटोक। लगातार हो रही बारिश ने सिक्किम में एक बार फिर पहाड़ी ढलानों की संवेदनशीलता सामने ला दी है। राजधानी गंगटोक के कई इलाकों में भूस्खलन, मिट्टी खिसकने और सड़कों पर मलबा आने से जनजीवन प्रभावित हुआ है।

स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में व्यापक नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। घरों और सड़कों के साथ-साथ सार्वजनिक बुनियादी ढांचे तथा अस्थिर पहाड़ी ढलानों की भी जांच की जा रही है।

जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने प्रभावित इलाकों का जायजा लेने के लिए बहु-विभागीय टीम तैनात की है। टीम ने गंगटोक के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण किया।

इसका नेतृत्व काबी तिंगदा के विधायक छेरिंग टी. भूटिया ने किया। टीम में डीडीएमए के अधिकारी, सड़क एवं पुल विभाग के अभियंता, रांका खंड विकास अधिकारी, राजस्व सर्वेक्षक, पार्षद शामिल रहे।

निरीक्षण का दायरा काफी व्यापक रहा। टीम ने बोजोघारी, लोअर बोजोघारी, लिंगदिंग, हाई कोर्ट रोड, टीएनए गेट, वीआईपी कालोनी, अपर जेड-बोजोघारी, पांगथांग-लिंगदोक रोड, पामरो गांव, लिंग पेरबिंग, अपर एवं मिडिल लुइंग, फेंजोंग, रांका, राकडोंग तिनटेक, दारागांव, अपर बर्टुक, सिचे और अरिथांग समेत कई क्षेत्रों का जायजा लिया।

सिरिक में मलबे की चपेट में आए वाहन

बोजोघारी के सिरिक क्षेत्र में हुए भूस्खलन से सड़क किनारे का एक हिस्सा मिट्टी और मलबे से ढक गया। इससे सड़क पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और कई वाहन भी मलबे की चपेट में आने से क्षतिग्रस्त होने की सूचना है। लगातार बारिश के कारण इस क्षेत्र में आगे भी भूस्खलन की आशंका बनी हुई है।

कई स्थानों पर सड़कें मिट्टी और मलबे से अवरुद्ध हैं। प्रशासनिक और तकनीकी दल उन आवासीय क्षेत्रों की भी जांच कर रहे हैं जहां पहाड़ी ढलानों के खिसकने से मकानों पर खतरा पैदा हुआ है। कुछ घरों को आगे होने वाले भूस्खलन की आशंका के कारण संवेदनशील माना गया है।

बारिश का असर सार्वजनिक बुनियादी ढांचे पर भी पड़ा है। सिच्चे स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट प्रभावित हुआ है। वहीं, इंचे स्कूल के पास 33/11 केवी स्विचिंग स्टेशन के आसपास जमा मलबे को भी संभावित खतरे के रूप में देखा जा रहा है।

प्रशासन ने अस्थिर भूस्खलन क्षेत्रों में बारिश के पानी के रिसाव को कम करने के लिए एहतियाती तौर पर तिरपाल लगाए हैं। जिला अधिकारी एवं डीडीएमए अध्यक्ष ने संबंधित विभागों को मलबा हटाने, सड़क संपर्क बहाल करने, नुकसान का सत्यापन करने और प्रभावित लोगों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

बर्दांग में फिर थमा एनएच-10

उधर सिक्किम को देश के दूसरे हिस्सों से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग-10 पर बर्दांग के पास भूस्खलन के कारण यातायात एक बार फिर बाधित हो गया है। मलबा और मिट्टी सड़क पर आने के बाद राजमार्ग को बंद करना पड़ा।

बर्दांग एनएच-10 का ऐसा हिस्सा है जहां बारिश के दौरान बार-बार भूस्खलन होता रहा है। लंबे समय तक या लगातार बारिश होने पर यहां सड़क अवरुद्ध होना आम समस्या बन गई है। इस बार भी भूस्खलन के कारण यातायात प्रभावित होने से सिक्किम की सड़क संपर्क व्यवस्था की संवेदनशीलता एक बार फिर सामने आई है।

लगातार बारिश के दौरान इस मार्ग पर बार-बार मलबा गिरने और सड़क बंद होने की घटनाओं ने संवेदनशील हिस्सों के स्थायी समाधान की जरूरत को रेखांकित किया है। तत्काल मलबा हटाकर यातायात बहाल करना जरूरी है, लेकिन बार-बार होने वाली ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए ढलानों को स्थिर करने और सड़क की दीर्घकालिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के उपाय भी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

सिक्किम जैसे पर्वतीय राज्य में राष्ट्रीय राजमार्ग केवल स्थानीय यातायात का माध्यम नहीं है, बल्कि राज्य की आर्थिक गतिविधियों, पर्यटन, आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और पड़ोसी क्षेत्रों से संपर्क का प्रमुख आधार है। ऐसे में बारिश के दौरान बार-बार सड़क संपर्क टूटना केवल यातायात की समस्या नहीं बल्कि व्यापक आपदा प्रबंधन और बुनियादी ढांचे की सुरक्षा से जुड़ा विषय बन जाता है।

प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में निरीक्षण जारी है। बारिश जारी रहने के कारण अधिकारियों ने संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी है। लोगों से भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचने और रात के समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है। अस्थिर ढलानों के आसपास रहने वाले लोगों से जमीन या मकान में दरार, ढलान खिसकने या मलबा गिरने के संकेत मिलने पर तत्काल प्रशासन को सूचना देने को कहा गया है।

बता दें कि 20 माइल बंद होने के कारण राजधानी गंगटोक की पहुंच लंबी हुई है। इसके साथ ही मंगन जिला के लिए भी नागरिकों को लंबा रासता तय करना पड़ेगा। प्रशासन ने वैकल्पिक मार्ग रंगपो से डुगा, सिंगताम अस्पताल होते हुए यात्रा करने की सलाह दी है। साथ ही रंगपो से पाक्योंग का रासता भी फिलहाल खुला है जहां से गंगटोक पहुंचा जा सकता है।

प्रशासनिक जानकारी...

पाक्योंग जिला प्रशासन की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक एनएच-10 के 20वें माइल बर्दांग में 17 सितंबर को दोपहर करीब 12 बजे हुए ताजा भूस्खलन और पत्थर गिरने के बाद मार्ग अब भी बंद है।

यह भूस्खलन लगातार हो रहा है। अगर और बारिश होगी तो स्थिति और खराब बन सकती है। एनएचआईडीसीएल की ओर से मलबा हटाने का काम जारी है।

मौके पर करीब 5-6 जेसीबी और अन्य भारी मशीनें लगाई गई हैं। सड़क बहाली का काम लगभग आधा पूरा होने की जानकारी है। शेष मलबा हटाने के बाद मार्ग को यातायात के लिए खोलने का प्रयास किया जा रहा है।

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