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सिक्किम का रिम्बी गांव हो सकता है 'रहने के लिए अयोग्य' घोषित, भूस्खलन और बाढ़ से 32 घर पूरी तरह तबाह

Published: Sun, 27 Sep 2026 02:20 PM (IST)

सिक्किम में लगातार भारी बारिश और भूस्खलन के कारण रिम्बी गांव को 'रहने के लिए अयोग्य' घोषित किया जा सकता है, जिससे 32 घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं।

सिक्किम के रिम्बी गांव में भारी तबाही।

सिक्किम के रिम्बी गांव में भारी तबाही।

HighLights

  1. रिम्बी गांव भूस्खलन और भारी बारिश से बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

  2. 32 घर क्षतिग्रस्त, गांव 'रहने के अयोग्य' घोषित होने की संभावना।

  3. सरकार प्रभावित परिवारों को मुआवजा और पुनर्वास सहायता प्रदान करेगी।

डिजिटल डेस्क, गंगटोक। सिक्किम में मानसून का रूप इन दिनों बेहद भयानक हो गया है। लगातार हो रही भारी बारिश और इसकी वजह से बार-बार हो रहे भूस्खलन ने पश्चिम सिक्किम के रिम्बी गांव को पूरी तरह संकट में डाल दिया है। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि राज्य सरकार जल्द ही इस पूरे गांव को 'रहने के लिए अयोग्य' घोषित कर सकती है।

पिछले कुछ महीनों से जारी मूसलाधार बारिश ने इस पहाड़ी इलाके में तबाही मचा रखी है। आलम यह है कि पहाड़ों की गोद में बसे इस सुंंदर रिम्बी गांव में अब तक कम से कम 32 मकान, चार सरकारी क्वार्टर और कई छोटे, लकड़ी तथा अर्ध-पक्के ढांचे बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।

शुरुआत से समझिए तबाही का पूरा मंजर

बता दें कि सिक्किम का यह संकट इस साल अगस्त से ही बनना शुरू हो गया था, जब सिंग्लिटाम की खड़ी ढलानें लगातार नीचे की तरफ खिसकने लगीं, जिससे नीचे बसी बस्तियों पर खतरा मंडराने लगा। इसके बाद 13 अगस्त को जहां सिर्फ दो घर प्रभावित हुए थे, वहीं भारी बारिश के अगले दौर के बाद 14 अगस्त को यह आंकड़ा बढ़कर 30 हो गया।

Massive devastation in Sikkim's Rimbi village (1)

सुरक्षित इलाके भी खतरे में

यहां तक कि सिक्किम में मित खोला के पास के वे घर, जिन्हें पहले सुरक्षित माना जा रहा था, अब भारी मात्रा में कीचड़ और मलबा लेकर आ रहे बाढ़ के पानी की चपेट में आ रहे हैं। लगातार ढलानों के खिसकने और बारिश के थमने के कोई आसार न दिखने के कारण स्थानीय निवासी डरे हुए हैं कि बारिश का अगला दौर और भी बड़ी तबाही ला सकता है।

प्रशासन और सरकार ने क्या कदम उठाए?

मामले में 25 सितंबर को प्रभावित गांव का दौरा करने वाले सिक्किम आपदा राहत आयुक्त रिंजिंग चेवांग ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि सिंग्लिटाम से बार-बार हो रहे भूस्खलन के बाद रिम्बी रहने योग्य नहीं बचा है।

हालांकि इस आपदा से प्रभावित लोगों को ग्राम प्रशासन केंद्र में शिफ्ट कर दिया गया है, जहां इस समय 107 लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं। इसके अलावा सिंग्लिटाम में भी 9 घरों को खाली कराकर वहां के लोगों को राहत शिविर में पहुंचाया गया है।

Massive devastation in Sikkim's Rimbi village (3)

जियोलॉजिकल सर्वे में क्या होगा?

जियोलॉजिकल सर्वे को लेकर अधिकारी ने बताया कि मानसून के बाद भूस्खलन और उसके कारणों का अध्ययन करने के लिए विभिन्न विभागों को शामिल करते हुए एक मल्टीडिसिप्लिनरी असेसमेंट के तहत जियोलॉजिकल सर्वे कराया जाएगा।

वहीं सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने कहा है कि स्थिति बेहद गंभीर है और नागरिकों की सुरक्षा उनकी सरकार की सबसे पहली प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने और स्थिति पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए हैं।

Massive devastation in Sikkim's Rimbi village (2)

सरकार की तरफ से मुआवजे और पुनर्वास का एलान

गौरतलब है कि संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार ने प्रभावित परिवारों को मदद का भरोसा दिया है। एलान के अनुसार, जिन परिवारों के घर अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन में पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं, उन्हें सिक्किम सरकार 1.3 लाख रुपये का मुआवजा देगी। इसके अलावा अन्य नुकसानों के लिए भी नियमानुसार भरपाई की जाएगी।

इतना ही नहीं 'सिक्किम हाउसिंग स्कीम' के तहत जिन परिवारों की जमीन पूरी तरह बह गई है या खत्म हो गई है, उन्हें सरकार जमीन और मकान दोनों उपलब्ध कराएगी। वहीं, जिन लोगों के पास अपनी जमीन बची हुई है, उन्हें नया मकान बनाने के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी।