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सिक्किम बैंक के पूर्व महाप्रबंधक गिरफ्तार, आय से अधिक संपत्ति का मामला

Published: Wed, 30 Sep 2026 09:37 PM (IST)

सिक्किम विजिलेंस पुलिस ने स्टेट बैंक ऑफ सिक्किम के पूर्व महाप्रबंधक दोरजी छिरिंग लेप्चा को आय से अधिक संपत्ति के आरोप में गिरफ्तार किया है।

सिक्किम राज्य बैंक। (फाइल)

सिक्किम राज्य बैंक। (फाइल)

HighLights

  1. एसबीएस के पूर्व महाप्रबंधक आय से अधिक संपत्ति में गिरफ्तार।

  2. विजिलेंस पुलिस ने गंगटोक, सिलीगुड़ी में संपत्तियों की तलाशी ली।

  3. करोड़ों के गबन से अर्जित संपत्तियों की जांच जारी।

डिजिटल डेस्क, गंगटोक। सिक्किम विजिलेंस पुलिस (एसवीपी) ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में स्टेट बैंक ऑफ सिक्किम (एसबीएस) के पूर्व महाप्रबंधक को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तारी 28 सितंबर को की गई। मामले में पूर्व महाप्रबंधक और उनके परिवार की ज्ञात आय के मुकाबले उनकी संपत्तियों की जांच की जा रही है।

विजिलेंस पुलिस ने इस मामले में गंगटोक और सिलीगुड़ी के आसपास स्थित कई आवासीय परिसरों की तलाशी भी ली। तलाशी के दौरान कथित संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज और अन्य सामग्री बरामद की गई है। जांच एजेंसी को आशंका है कि इनमें से कुछ संपत्तियां भ्रष्ट गतिविधियों से कथित तौर पर जुटाई गई राशि से खरीदी गईं।

आय से अधिक संपत्ति का मामला

मामला पूर्व बैंक अधिकारी और उनके परिवार द्वारा आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति जमा किए जाने की सूचना के आधार पर दर्ज प्राथमिकी के बाद सामने आया। प्रारंभिक जांच में आरोप है कि 2022 से 2024 के बीच एसबीएस के महाप्रबंधक पद पर रहते हुए उन्होंने कथित रूप से भ्रष्ट गतिविधियों को अंजाम दिया।

विजिलेंस का आरोप है कि इस दौरान बैंक के ग्राहकों और लाभार्थियों को धोखा देकर करोड़ों रुपये की राशि कथित रूप से हड़पी गई। जांच में यह भी सामने आया कि कथित तौर पर जुटाई गई राशि से भवन और जमीन खरीदी गई। इनमें कुछ संपत्तियां आरोपी और उनकी पत्नी के नाम पर दर्ज होने की बात कही गई है।

विजिलेंस पुलिस ने बताया कि तलाशी में मिले दस्तावेजों और अन्य सामग्री से कथित अपराध से अर्जित धन के इस्तेमाल के संकेत मिले हैं। अब जांच के दौरान संपत्तियों की कुल कीमत का आकलन किया जाएगा और कानून के तहत उन्हें जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी।

विभाग के अनुसार इसी पूर्व अधिकारी के खिलाफ पहले दर्ज एक प्राथमिकी के आधार पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी करोड़ों रुपये मूल्य की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क कर चुका है। एसवीपी ने एसबीएस के विभिन्न शाखाओं से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामलों में पहले भी कई प्राथमिकी दर्ज की हैं, जिनकी जांच जारी है।

एसबीएस की ओर से स्पष्टिकरण

एसबीएस के पूर्व महाप्रबंधक की गिरफ्तारी को लेकर प्रबंधन निर्देशक ने एक बयान जारी करते हुए कहा है कि पूर्व महाप्रबंधक दोर्जी छिरिंग लेप्चा को सिक्किम विजिलेंस पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया है। बैंक ने कहा है कि गिरफ्तारी 2024 में बैंक द्वारा पता लगाए गए और विजिलेंस पुलिस में दर्ज कराए गए कथित धोखाधड़ी के मामले की जांच के सिलसिले में हुई है। यह कोई नया मामला नहीं है।

कथित वित्तीय अनियमितता उस अवधि की है, जब दोर्जी छिरिंग लेप्चा बैंक के महाप्रबंधक के पद पर कार्यरत थे। बैंक ने विभागीय जांच भी की थी। विभागीय जांच में लेप्चा को दोषी पाया गया, जिसके बाद जून 2025 में उन्हें बैंक की सेवा से बर्खास्त कर दिया गया।

जानकारी है कि इस मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा भी की जा रही है। कथित तौर पर संदिग्ध गतिविधियों से अर्जित राशि से खरीदी गई कुछ संपत्तियों को पहले ही अस्थायी रूप से कुर्क किया जा चुका है। सिक्किम विजिलेंस पुलिस की हालिया गिरफ्तारी कथित तौर पर इसी तरह की राशि से खरीदी गई अन्य संपत्तियों से संबंधित जांच के सिलसिले में हुई है।

बैंक की ओर से बताया गया है कि पूर्व महाप्रबंधक की गिरफ्तारी की खबरों के बाद बैंक के ग्राहकों के बीच उत्पन्न चिंता के संबंध में एसबीएस ने स्पष्ट किया कि मामला बैंक की धनराशि के कथित गबन से संबंधित है और इसका किसी भी ग्राहक के खाते से कोई संबंध नहीं है।

कथित धोखाधड़ी का उसके आंतरिक तंत्र के माध्यम से पता लगाया जाना उसके निगरानी और सतर्कता तंत्र की कार्यप्रणाली को दर्शाता है। बैंक ने अपने ग्राहकों को आश्वस्त किया कि उनकी जमा राशि पूरी तरह सुरक्षित है और इस संबंध में उन्हें घबराने की आवश्यकता नहीं है।