सियांग परियोजना को लेकर अरुणाचल में दूसरे दिन भी हिंसक प्रदर्शन, प्रदर्शनकारियों ने NHPC कार्यालय और पुलिस थाना फूंका
अरुणाचल प्रदेश के पासीघाट में सियांग अपर बहुउद्देशीय परियोजना के विरोध में हिंसक प्रदर्शन हुए, जिसमें प्रदर्शनकारियों ने एनएचपीसी कार्यालय और एक पुलिस स्टेशन में आग लगा दी।
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सियांग परियोजना पर अरुणाचल में दूसरे दिन भी हिंसक प्रदर्शन (फोटो- ANI)
HighLights
पासीघाट में सियांग परियोजना के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन।
प्रदर्शनकारियों ने NHPC कार्यालय और पुलिस थाना जलाया।
मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने शांति की अपील की।
डिजिटल डेस्क, ईटानगर। अरुणाचल प्रदेश के पूर्वी सियांग जिले के पासीघाट में प्रस्तावित 11,200 मेगावाट की सियांग अपर बहुउद्देशीय परियोजना (एसयूएमपी) के विरोध में शुक्रवार रात हिंसा भड़क उठी। उग्र प्रदर्शनकारियों ने एनएचपीसी कार्यालय और एक पुलिस स्टेशन में आग लगा दी।
कई सरकारी प्रतिष्ठानों और पुलिस वाहनों में भी तोड़फोड़ की गई। भीड़ ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष कलिंग मोयोंग और दो स्थानीय विधायकों- ओनी पन्यांग और निनोंग एरिंग के निजी आवासों पर भी हमला बोला, तोड़फोड़ की और घर का सामान उठा ले गए।
पूर्वी सियांग की उपायुक्त जयंती पर्टिन ने शनिवार को बताया कि शुक्रवार सुबह पांच बजे से शाम पांच बजे तक आयोजित 12 घंटे का बंद काफी हद तक शांतिपूर्ण रहा। हालांकि, बंद समाप्त होने के बाद प्रदर्शनकारियों ने राजमार्ग जाम कर दिया।
प्रशासन के समझाने के बावजूद प्रदर्शनकारी नहीं हटे, जिसके बाद मजिस्ट्रेट के आदेश पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।
उग्र भीड़ ने पासीघाट पुलिस स्टेशन, एनएचपीसी कार्यालय और कई पुलिस वाहनों को आग के हवाले कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, झड़प में आठ प्रदर्शनकारियों को भी मामूली चोटें आईं। उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया। शनिवार तड़के करीब चार बजे के बाद स्थिति नियंत्रण में आई। इलाके में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है।
प्रस्तावित परियोजना को लेकर स्थानीय समुदायों में लंबे समय से असंतोष है। प्रदर्शनकारी परियोजना संबंधी गतिविधियों को रोकने और गिरफ्तार कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री पेमा खांडू की शांति की अपील
मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने हिंसा की कड़ी निंदा करते हुए प्रदर्शनकारियों से बातचीत के जरिए समस्याओं का समाधान निकालने की अपील की। उन्होंने कहा कि परियोजना को लेकर किसी भी तरह की चिंता या आपत्ति पर सरकार से चर्चा की जा सकती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विरोध प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन इसमें हिंसा और दूसरों को नुकसान पहुंचाने की कोई जगह नहीं है। (समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
