जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मंगलवार को दिल्ली में थे। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित गृह मंत्री राजनाथ सिंह और वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात की। इस बीच उन्होंने केंद्र से सूखा राहत के 28 सौ करोड़ सहित भावांतर भुगतान योजना के लिए 50 फीसद की हिस्सेदारी की मांग की। इसके साथ ही केंद्रीय करों में राज्य की हिस्सेदारी की राशि को जल्द जारी करने की भी मांग की। मुलाकात के बाद वह देर शाम भोपाल रवाना हो गए।

दिल्ली पहुंचे मुख्यमंत्री चौहान ने सबसे गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने केंद्र स्तर पर राज्य सरकार के लंबित विधेयकों को तत्काल पारित कराने की मांग की। इनमें मासूम बच्चियों के साथ दुराचार करने वालों को फांसी की सजा देने संबंधी विधेयक को अहम बताते हुए इसे शीघ्र पारित करने की जरूरत बताई।

शिवराज सिंह चौहान ने इसके बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात कर भावांतर भुगतान योजना के तहत केंद्र से 50 फीसद हिस्सेदारी देने की मांग की। उन्होंने बताया अब तक राज्य सरकार अपने संसाधनों से 19 सौ करोड़ रुपए की भुगतान कर चुकी है, जबकि अभी तक केंद्र की ओर से उन्हे एक भी पैसा नहीं मिला है। ऐसे में योजना को आगे जारी रखने के लिए केंद्र की मदद की जरूरत है। इस योजना में केंद्र और राज्य की पचास-पचास फीसद की हिस्सेदारी तय की गई है।

चौहान ने इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी उनके आवास पर मुलाकात की। दोनों ही नेताओं पर करीब आधे घंटे तक चर्चा हुई। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के सामने भी प्रदेश से जुड़ी समस्याओं को प्रमुखता से रखने के साथ ही प्रदेश के विकास कार्यों से उन्हें अवगत भी कराया होगा। मुख्यमंत्री ने देर शाम जल संसाधन एवं सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से भी मुलाकात की। इस दौरान चंबल एक्सप्रेस-वे सहित केन-बेतवा नदी जोड़ प्रोजेक्ट को लेकर भी चर्चा की। मुख्यमंत्री चौहान के साथ उनके वरिष्ठ अधिकारी भी इस दौरान मौजूद थे।

 

Posted By: Tilak Raj