'बैठक से पहले ही बिखरा इंडी गठबंधन, एडवांस में खोज रहे हार का बहाना', शिवराज सिंह चौहान का तंज
भाजपा ने इंडी गठबंधन की बैठक पर पलटवार करते हुए कहा कि यह गठबंधन बैठक से पहले ही बिखर गया है और विपक्षी दल हार का बहाना ढूंढ रहे हैं।

शिवराज सिंह चौहान का तंज का विपक्ष पर तंज। (पीटीआई)
HighLights
इंडी गठबंधन बैठक से पहले ही बिखर गया: शिवराज।
राहुल गांधी को इंडी और कांग्रेस नेता नहीं मानते।
कांग्रेस हार का बहाना ढूंढ रही, भ्रम फैला रही।
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। इंडी गठबंधन की बैठक में सरकार और चुनाव आयोग पर प्रहार करने वाले विपक्षी दलों पर भाजपा ने करारा पलटवार किया है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि विपक्षी दलों की इस बैठक से पहले ही उनका गठबंधन बिखर गया।
सवाल उठाया कि यदि एसआईआर इतना गंभीर मुद्दा था तो अखिलेश यादव, अरविंद केजरीवाल, एमके स्टालिन और हेमंत सोरेन क्यों नहीं आए? उद्धव ठाकरे भी वर्चुअल शामिल हुए।
इंडी राहुल गांधी को नेता नहीं मानता- शिवराज
वरिष्ठ भाजपा नेता ने दावा- ''इंडी राहुल गांधी को नेता नहीं मानता। इतना ही नहीं, कांग्रेस कार्यसमिति में भी राहुल कहते रहे कि मुझ पर विश्वास करो, जिसका मतलब है कि कांग्रेस को भी उन पर भरोसा नहीं है।''
विपक्षी गठबंधन की बैठक में उठे मुद्दों पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि एक के बाद एक चुनाव में कांग्रेस की हार के बाद देश यह सोचता था कि कांग्रेस अपनी गलतियों पर जनता से माफी मांगेगी और आत्मचिंतन करेगी, लेकिन कांग्रेस ने तय कर रखा है कि वह नहीं सुधरेगी।
कांग्रेस लगातार भ्रम फैला रही- शिवराज
वह अपनी गलतियों पर माफी मांगने के बजाय लगातार भ्रम फैला रही है, झूठ बोल रही है और मनगढ़ंत आरोप लगा रही है।
उन्होंने कहा कि इंडी की बैठक का नतीजा है- शून्य विजन, 100 प्रतिशत हताशा और हार का एडवांस बहाना। आने वाले चुनाव से पहले ही हार की भूमिका तैयार कर दो। 2 से 8 अक्टूबर तक कार्यक्रम घोषित किया गया है ''सेव डेमोक्रेसी मार्च'', जो कि ''सेव डायनेस्टी मार्च'' है। लेकिन, जनता ने तय कर लिया है कि अब परिवारवाद की राजनीति चलने नहीं देंगे।
शिवराज ने याद दिलाया कि राहुल गांधी ने बंगाल चुनाव के पहले एक वीडियो जारी करके कहा था कि ममता बनर्जी की गलतियों के कारण बंगाल में भाजपा जीत रही है, एसआईआर के कारण नहीं।
चुनाव आते ही राहुल संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने लगते हैं- शिवराज
राहुल ने खुद ही असली कारण बता दिया था। फिर भी जब भी चुनाव नजदीक आते हैं, तब इंडी गठबंधन, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे या तो अदालतों पर सवाल उठाने लगते हैं या संवैधानिक संस्थाओं का राजनीतिकरण करने लगते हैं।
राहुल विदेशी धरती पर जाकर विदेशी शक्तियों से भारत के लोकतंत्र में हस्तक्षेप करने की वकालत करते हैं। सारी तिकड़में करने के बाद भी जब जनता के दिल से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नहीं हटा पाए, तो एक बार फिर देश में अराजकता और अशांति फैलाने का षड्यंत्र रच रहे हैं।
