मुंबई, एजेंसी। शिवसेना ने भारत के सभी 100 करोड़ हिंदुओं का आह्वान किया है कि वे अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश को पंथनिरपेक्ष घोषित करने के लिए सत्तारूढ़ भाजपा के खिलाफ 'विश्वासघात और चरित्र की हत्या' का मुकदमा दर्ज कराएं।

पार्टी का कहना है कि 'पंथनिरपेक्षता' शब्द एक गाली बन गया था, जो हिंदूवादी ताकतों के खिलाफ हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया जाता था। जब हिंदूवादी सरकार सत्ता में आई तो माना जा रहा था कि यह शब्द हमेशा के लिए दफन हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मुखपत्र 'सामना' और 'दोपहर का सामना' के संपादकीय में शिवसेना का कहना है कि भारत अब हिंदू राष्ट्र है। लोगों ने भाजपा को इसी आधार पर चुना था। अब यह अचानक पंथनिरपेक्ष कैसे हो गया? क्या हिंदुओं का पृथ्वी की एक इंच जमीन पर भी अधिकार नहीं है।

पार्टी का कहना है कि जब नरेंद्र मोदी चुने गए थे, तब दुनियाभर में हिंदुओं ने इस बात का जश्न मनाया था कि हिंदूवादी सरकार ने कार्यभार संभाल लिया है। लेकिन हाल ही में अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार सम्मेलन में कहा, 'बिना किसी आधिकारिक या राजकीय धर्म के भारत एक पंथनिरपेक्ष राष्ट्र है।'

संपादकीय में कहा गया है कि यह न सिर्फ चौंकाने वाला है, बल्कि हिंदुओं की पीठ में छुरा भोंकने के समान है। खासतौर पर तब, जबकि भाजपा ने देशभर में विशेषकर उत्तर प्रदेश में हिंदुत्व के मुद्दे पर ही सफलता हासिल की है।

इसे भी पढ़ें: सुकमा अटैक पर शिवसेना का सरकार पर निशाना

Posted By: Tilak Raj

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस