नई दिल्ली [जासं]। जब भी अतिशा फेसबुक पर अपना स्टेटस अपडेट करती है या कोई नई फोटो डालती है, हमारे लिए उसे चिढ़ाने का मसाला जुट जाता है। ये कहते हुए भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन के दोनों बेटों- अरबाज [17] और अदीब [15] के चेहरों पर वैसी ही शरारती मुस्कान खेल रही थी, जैसे किसी भी भाई के चेहरे पर अपनी बहन को चिढ़ाते हुए होती है। अपनी जिस बहन अतिशा [13] का जिक्र वे कर रहे हैं, वो है भाजपा के महासचिव राजीव प्रताप रूडी की छोटी बेटी। जब वे अतिशा को अपनी सबसे फेवरेट बहन बताते हैं तो साफ समझ आता है कि भाई-बहन के स्नेह में मजहब कभी आड़े नहीं आता।

अदीब कहते हैं कि अतिशा तब से हम दोनों भाइयों को राखी बांध रही है जब वो दो साल की थी। अब उनके दोस्तों और हमारे दोस्तों का एक अलग दायरा भी बन चुका है लेकिन राखी का दिन हमारे लिए बड़े सेलिब्रेशन का दिन होता है। वो सुबह घर आती है और पूरे रस्मो-रिवाज के साथ हम दोनों को राखी बांधती है। उसकी देखादेखी हमारी छोटी बहन आयरा [3] भी हमें राखी बांधने लगी है। राखी पर बहन को क्या तोहफा दे रहे हैं, सवाल का जवाब दोनों भाइयों ने इसी शर्त पर देना स्वीकार किया कि इसे राखी से पहले डिसक्लोज न किया जाए क्योंकि यह सरप्राइज है। इसबार इफ्तार पार्टी में अतिशा भी आई थी। हमने देखा कि उसका सेलफोन खराब हो चुका है। लिहाजा, इस राखी पर हमने उसे ट्रेंडी सेलफोन देने के बारे में सोचा है। उसे एसेसरीज का भी बहुत शौक है इसलिए ऐसी कुछ चीजें भी हम उसे गिफ्ट करेंगे। राखी का ये सीक्रेट बांटते हुए अरबाज बहुत उत्साहित थे। दोनों भाई उत्साह से बताते हैं कि अतिशा हर राखी पर उनके लिए केक भी लाती है, जो हम सारे भाई-बहन मिलकर काटते हैं। अक्सर राखी के दूसरे दिन हम सभी बाहर घूमने जाते हैं या साथ-साथ कोई फिल्म देखते हैं।

अदीब और अरबाज की बातें किसी को भी अपने भाई या बहन की याद दिला सकती हैं कि कैसे बहन को किसी बात पर वे चिढ़ाते हैं। कैसे भाई की आंखों में बहन की सफलता पर जुगनू झिलमिलाते हैं या कैसे कोई बहन अपने भाई पर स्नेह उड़ेलने को तैयार रहती है।

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