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'मदद के नाम पर शेखी न बघारें', नेपाल को मिली भारत की राहत पर थरूर ने किसे दी सलाह?

Published: Thu, 27 Aug 2026 02:30 PM (IST)

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद भारत द्वारा दी गई त्वरित राहत की सराहना ...और पढ़ें

नेपाल को भारत की मदद पर शशि थरूर की मीडिया को चेतावनी (फाइल फोटो- PTI)

नेपाल को भारत की मदद पर शशि थरूर की मीडिया को चेतावनी (फाइल फोटो- PTI)

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद वहां भारत द्वारा दी गई त्वरित राहत सहायता का स्वागत किया है। हालांकि, उन्होंने भारतीय मीडिया को सचेत करते हुए 2015 के भूकंप के दौरान कवरेज में की गई 'शेखी बघारने' जैसी गलतियों को न दोहराने की सलाह दी है।

दरअसल, काठमांडू में आयोजित एक टीवी चैनल के कार्यक्रम के दौरान शशि थरूर ने नेपाल को एक संप्रभु और समान देश के रूप में सम्मान देने की वकालत की।

शशि थरुर ने कहा, "भूकंप के दौरान भारत ने सराहनीय सहायता प्रदान की थी, लेकिन मीडिया ने जिस तरह से इसे कवर किया, उसमें बढ़ा-चढ़ाकर की गई बातें भद्दी थीं। यह एक निराशाजनक क्षण था। हालांकि, भारत द्वारा दी गई सहायता प्रत्यक्ष थी, लेकिन उसका कवरेज समस्याग्रस्त था। मीडिया को भी सरकार की तरह ही इस रिश्ते के प्रति संवेदनशील होना चाहिए।"

क्या हुआ था 2015 में?

गौरतलब है कि 2015 में जब नेपाल भीषण भूकंप की त्रासदी झेल रहा था, तब भारतीय मीडिया के एक वर्ग द्वारा राहत कार्यों की कवरेज के तरीके पर नेपाली जनता में भारी आक्रोश और नाराजगी फैल गई थी।

मीडिया कवरेज को समस्याग्रस्त बताते हुए थरूर ने कहा कि संकट में फंसे और मदद पाने वाले लोगों को यह अहसास कराने की जरूरत नहीं होती कि कौन उनकी मदद कर रहा है।

सरकार जो भी जरूरी होगा वो करेगी

नेपाल में बीते दिनों आई त्रासदी को लेकर भारत सरकार द्वारा की गई मदद की सराहना करते हुए थारूर ने कहा कि पड़ोसी ऐसा ही करते हैं। मुझे पूरा यकीन है कि और भी राहत मिलेगी और सरकार जो भी जरूरी होगा वो करेगी। हम नेपाल के सबसे करीबी पड़ोसी हैं और एकजुटता से खड़े हैं। यही तरीका है।

यह एक भूल थी

“मैंने हमेशा यही तर्क दिया है कि भारत को नेपाल के प्रति अपना दृष्टिकोण बदलना चाहिए। मैं 2015 की अघोषित आर्थिक नाकाबंदी का मुखर आलोचक रहा हूं। यह एक हिमालयी भूल थी, एक बहुत बड़ी भूल। हालांकि, सरकार ने कहा था कि भारत का इससे कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन इसने हमारे संबंधों को नुकसान पहुंचाया। हमें नेपाल को वह सम्मान देना चाहिए जिसका वह एक संप्रभु और समान देश हकदार है।"

थरुर ने कहा, "रोटी-बेटी का रिश्ता महत्वपूर्ण है, लेकिन यह रिश्ता इससे आगे भी बढ़ना चाहिए। सम्मानजनक संवाद की प्रक्रिया हमारे रिश्ते को आगे बढ़ाने के लिए मूलभूत है। हमें यह दिखाना होगा कि उनके विचार हमारे लिए महत्वपूर्ण हैं।"

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