मुंबई, राज्य ब्यूरो। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) प्रमुख शरद पवार ने केंद्र सरकार को हर मोर्चे पर विफल बताया है। उन्होंने कहा कि इसके चलते लोगों में उसके खिलाफ काफी रोष है। उन्होंने किसानों को कर्जमाफी का लाभ शीघ्र न मिलने पर सरकार के खिलाफ आंदोलन के संकेत दिए।

शरद पवार मंगलवार को मुंबई में पार्टी की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की लोकप्रियता जमीन छू रही है। देश में बेरोजगारी बढ़ रही है, कृषि क्षेत्र बदहाल है और वित्तीय क्षेत्र विफल रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने पर विचार कर रही है। महाराष्ट्र में ये दोनों चुनाव कभी भी साथ हो सकते हैं। इसलिए कार्यकर्ताओं को चुनावी तैयारियों में लग जाना चाहिए।

किसानों के मुद्दे पर राज्य सरकार को घेरते हुए पवार ने कहा कि सरकार ने भले ही कर्जमाफी पर 34,022 करोड़ रुपए खर्च करने की घोषणा की हो। लेकिन कर्जमाफी के लिए सरकार द्वारा इतने कड़े मानदंड निर्धारित किए गए हैं कि इस पर मुश्किल से 12000 करोड़ रुपए ही खर्च हो पाएंगे। राकांपा अध्यक्ष के अनुसार सरकार दीवाली तक किसानों को कर्जमाफी का लाभ देने की बात कर रही है। यदि ऐसा न हुआ तो पांच नवंबर को औरंगाबाद में किसानों की एक सभा का आयोजन कर राकांपा सरकार के खिलाफ आंदोलन शुरू कर देगी।

बैठक के बाद पवार ने प्रेस को संबोधित करते हुए नोटबंदी और जीएसटी लागू करने पर केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि ये दोनों निर्णय बिना तैयारियों के लिए गए। इस कारण देश की अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लगा है। इसके चलते देश में उद्योग-धंधे बंद हो रहे हैं। किसानों को आत्महत्या करनी पड़ रही है।

पवार ने बुलेट ट्रेन के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना बिना सोचे-समझे तैयार की गई है। बुलेट ट्रेन दिल्ली-मुंबई, दिल्ली-कोलकाता या मुंबई-चेन्नई जैसे शहरों के बीच चलनी चाहिए थी, न कि मुंबई और अहमदाबाद के बीच।

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