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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 07, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Sharad Pawar: चुनाव आयोग ने शरद पवार गुट को दिया नया नाम, अब NCP नहीं इसका होगा इस्तेमाल

Published: Wed, 07 Feb 2024 06:38 PM (IST)Updated: Wed, 07 Feb 2024 07:55 PM (IST)

एनसीपी (NCP) में विवाद का अंत होने के बाद शरद पवार (Sharad Pawar) गुट को नया नाम मिला है। चुनाव ...और पढ़ें

शरद पवार गुट को नया नाम मिला है। (फाइल फोटो)
शरद पवार गुट को नया नाम मिला है। (फाइल फोटो)

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने अजित पवार गुट को असली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) करार देने के बाद अब शरद पवार गुट को भी नया नाम दे दिया है। जो फिलहाल 'नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी- शरदचंद्र पवार' के नाम ने जाना जाएगा। शरद गुट अब इसी नाम से राज्यसभा चुनाव के मैदान में उतर सकेगा।

अभी नहीं मिला है चुनाव चिह्न

आयोग ने हालांकि उन्हें अभी कोई चुनाव चिन्ह आवंटित नहीं किया है, लेकिन शरद गुट ने इसके लिए दो चुनाव चिन्हों को विकल्प के तौर प्रस्तावित किया है, इनमें एक उगता सूरज व दूसरा बरगद का पेड़ बताया जा रहा है।

'नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी- शरदचंद्र पवार' को मिली स्वीकृति

इस बीच चुनाव आयोग के निर्देश पर शरद गुट ने बुधवार को तय समय-सीमा के भीतर अपनी पार्टी के लिए तीन नामों का विकल्प मुहैया कराया था। इसमें पहला नाम-नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी-शरदचंद्र पवार, दूसरा-नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी- शरदराव पवार और तीसरा- एनसीपी-शरद पवार दिया था। आयोग ने उन्हें फिलहाल के लिए पहले नाम के विकल्प को स्वीकृत दे दी है। साथ ही साफ किया है कि वह राज्यसभा चुनाव में नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी शरदचंद्र पवार के नाम से मैदान में उतर सकेंगे।

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चुनाव आयोग ने अजित गुट को माना असली एनसीपी

सूत्रों के मुताबिक शरद पवार गुट की ओर से इस दौरान चुनाव चिन्ह के विकल्प भी दिए गए थे, लेकिन आयोग ने अभी इसे लेकर कोई फैसला नहीं दिया है। आयोग ने यह फैसला राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी से जुड़े विवादों पर छह महीने से ज्यादा समय सुनने के बाद अजित पवार गुट को ही असली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की मान्यता दी थी। साथ ही उन्हें ही पार्टी का चुनाव चिन्ह घड़ी भी आवंटित कर दिया था।

इससे पहले आयोग ने इस मामले को दोनों पक्षों को दस बार सुना। इस दौरान दोनों पक्षों ने अपने-अपने दावे पेश किए थे। हालांकि इनमें सबसे अधिक निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के अजित पवार के साथ खड़े होने से आयोग ने उन्हें ही असली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी माना था।

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आयोग ने मंगलवार को दिए गए अपने इस फैसले के साथ ही शरद गुट को नई पार्टी के लिए तीन नामों का विकल्प भी बुधवार को शाम तीन बजे तक मुहैया कराने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद शरद गुट ने यह तीन नाम प्रस्तावित किए थे। जिसमें से प्रस्तावित किए गए पहले को नाम आयोग ने फिलहाल के लिए स्वीकृत दी है।