अलीगढ़ [जासं]। शायरी के शहजादे प्रो. कुंवर अखलाक मुहम्मद खान उर्फ शहरयार को नम आंखों से एएमयू के मिंटो कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।

सोमवार रात करीब साढे़ आठ बजे शहरयार ने अपने आवास पर ही अंतिम सांस ली थी। वह फेफड़े के कैंसर से पीड़ित थे। उनके बड़े बेटे हुमायूं शहरयार कुछ ही दिन पहले दुबई से अलीगढ़ आए थे। दुबई में उनका इनवेस्टमेंट का कारोबार है। मंगलवार को उनके दूसरे बेटे फरीदुन शहरयार, बेटी साइमा शहरयार व अन्य रिश्तेदार आ गए।

एएमयू बिरादरी के अलावा शहर के गणमान्य लोगों की उपस्थिति में प्रो. शहरयार का जनाजा उनके निवास सफीना अपार्टमेंट से मंगलवार शाम करीब पौने पांच बजे उठा।

मेडिकल रोड से होते हुए जनाजा एएमयू के मिंटो कब्रिस्तान पहुंचा। यहां अस्र की नमाज के बाद शहरयार की नमाज-ए-जनाजा मरकजी मस्जिद के इमाम ने अदा कराई। फातिहा पढ़कर उनकी मकफिरत की दुआ की गई।

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