जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। देश का 71वां गणतंत्र दिवस के मौके पर सोशल मीडिया भी देशभक्ति की भावनाओं से गुलजार है। इस मौके पर सोशल मीडिया पर क्षेत्रीय भाषाओं का बोलबाला भी बढ़ा है। गणतंत्र दिवस की जाने वाली पोस्ट में हिंदी का हिस्सा सर्वाधिक रहा है।

दो लाख से भी ज्यादा पोस्ट को 15 करोड़ व्यूज मिले

पंद्रह भारतीय भाषाओं में सोशल मीडिया प्लेटफार्म उपलब्ध कराने वाला शेयरचैट पर गणतंत्र दिवस के मौके पर दो लाख से भी ज्यादा पोस्ट को 15 करोड़ व्यूज मिले हैं। इन्हें 75 हजार से ज्यादा वाट्सएप शेयर प्राप्त हुए हैं।

सभी भाषाओं में डाली गईं पोस्ट में हिंदी का हिस्सा 50 प्रतिशत

शेयरचैट कम्यूनिकेशन हेड राहुल नाग के मुताबिक 23 जनवरी से 25 जनवरी को दोपहर साढ़े बारह बजे तक सबसे ज्यादा पोस्ट हिंदी में आई हैं। सभी भाषाओं में डाली गईं पोस्ट में हिंदी का हिस्सा 50 प्रतिशत है।

ब्राजील के राष्ट्रपति बोलसोनारो राजपथ पर गणतंत्र दिवस परेड में मुख्य अतिथि हैं

26 जनवरी को पूरा देश गणतंत्र दिवस मनाएगा। ब्राजील के राष्ट्रपति जेयर बोलसोनारो भारत के 71वें गणतंत्र दिवस पर आयोजित होने वाली परेड में मुख्य अतिथि हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के राजपथ पर देश की सांस्कृतिक विविधता में एकता, अखंडता और सैन्य ताकत की झलक दिखाई देगी। गणतंत्र दिवस के अवसर पर विभिन्न स्कूलों, कॉलेज और सरकारी कार्यालयों में कार्यक्रम आयोजित होते हैं। ध्वाजारोहण के अलावा कई स्कूलों में निबंध लेखन और भाषण प्रतियोगिताएं भी होती हैं। अगर आप भी इस मौके पर स्पीच देने की योजना बना रहे हैं तो आप नीचे लिखी स्पीच की मदद ले सकते हैं।

26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान लागू हुआ

26 जनवरी 1950 को सुबह 10 बजकर 18 मिनट पर भारत का संविधान लागू किया गया था। संविधान लागू होने के बाद हमारा देश भारत एक गणतंत्र देश बन गया। इस के 6 मिनट बाद 10 बजकर 24 मिनट पर राजेंद्र प्रसाद ने भारत के पहले राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी। इस दिन पहली बार बतौर राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद बग्गी पर बैठकर राष्ट्रपति भवन से निकले थे।

भारत का संविधान दुनिया का सबसे बड़ा लिखित संविधान है

यह संविधान ही है जो भारत के सभी जाति और वर्ग के लोगों को एक दूसरे जोड़े रखता है। भारत का संविधान दुनिया का सबसे बड़ा लिखित संविधान है। 2 साल, 11 महीने और 18 दिन में यह तैयार हुआ था।

26 जनवरी 1930 को कांग्रेस के लाहौर अधिवेशन में पूर्ण स्वराज की घोषणा हुई थी

संविधान को लागू करने के लिए 26 जनवरी का दिन इसलिए चुना गया, क्योंकि 1930 में इसी दिन कांग्रेस के लाहौर अधिवेशन में भारत को पूर्ण स्वराज की घोषणा की गई थी।

राजपथ पर राष्ट्रपति तिरंगा झंडा फहराते हैं, झांकियां निकलती हैं

गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजपथ पर भव्य गणतंत्र दिवस समारोह का आयोजन होता है। राष्ट्रपति तिरंगा झंडा फहराते हैं। राष्ट्रगान और ध्वजारोहण के साथ उन्हें 21 तोपों की सलामी दी जाती है। अशोक चक्र और कीर्ति चक्र जैसे महत्वपूर्ण सम्मान दिए जाते हैं। राजपथ पर निकलने वाली झांकियों में भारत की विविधता में एकता की झलक दिखती है। परेड में भारत की तीनों सेना- नौ सेना, थल सेना और वायु सेना की टुकड़ी शामिल होती हैं और सेना की ताकत दिखती है।

29 जनवरी को ‘बीटिंग रिट्रीट’ सेरेमनी के साथ गणतंत्र दिवस उत्सव का समापन होता है

ऐसा नहीं है कि 26 जनवरी को राष्ट्रपति द्वारा झंडा फहराने और परेड व झांकियों आदि के समापन के साथ ही यह राष्ट्रीय त्योहार खत्म हो जाता है। 29 जनवरी को ‘बीटिंग रिट्रीट’ सेरेमनी के साथ गणतंत्र दिवस उत्सव का समापन होता है।

Posted By: Bhupendra Singh

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