जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र से पहले लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन की बुलाई गई सर्वदलीय बैठक से कई दलों ने किनारा कर लिया। सरकार के खिलाफ सदन में ताल ठोकने को तैयार जनता परिवार के अधिकतर दल इस बैठक में ही नहीं आए। जनता परिवार की मात्र दो पार्टियों इनेलो और जद (यू) के प्रतिनिधि ही पहुंचे। समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और एचडी देवेगौड़ा भी नहीं आए। इतना ही नहीं माकपा ने भी त्रिपुरा के अपने सांसद को भेजा। कांग्रेस से भी मल्लिकार्जुन खड़गे आए पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी बैठक से दूरी बनाई। इस भोज में अन्य लोगों के अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, संसदीय कार्यमंत्री वेंकैया नायडू और राम विलास पासवान ने भी हिस्सा लिया।

24 नवंबर से 23 दिसंबर तक चलने वाले इस सत्र में कई अहम मुद्दों पर चर्चा होनी है और तीन दर्जन से ज्यादा अहम विधेयक पारित कराने का लक्ष्य है। लोकसभा अध्यक्ष के परंपरा के मुताबिक सर्वदलीय बैठक बुलाने के बाद संसदीय कार्य मंत्री वेंकैया नायडू रविवार को सभी दलों के नेताओं से मुलाकात करेंगे। तृणमूल कांग्रेस ने तो इस बैठक का भी बहिष्कार करने का एलान कर दिया है। बाकी आम आदमी पार्टी, एनसीपी से तारिक अनवर, बीजू जनता दल से भर्तृहरि महताब, अपना दल से अनुप्रिया पटेल आदि मौजूद रहे।

बैठक में कांग्रेस नेता खड़गे ने काले धन, गुजरात दंगों पर गठित नानावती आयोग और छत्तीसगढ़ में नसबंदी हादसा और योजना आयोग पर चर्चा की मांग की। सूत्रों के मुताबिक बीजू जनता दल के भर्तृहरि महताब ने चीनी घुसपैठ, नौसेना में लगातार हादसों और हुदहुद सहित प्राकृतिक आपदाओं पर चर्चा पर बल दिया। साथ ही उन्होंने योजना आयोग के बजाय योजना सुधार प्रक्रिया पर चर्चा का सुझाव दिया। माना जा रहा है कि सोमवार से शुरू हो रहे शीतकालीन सत्र कामकाज और सियासत दोनों ही लिहाज से बेहद गरम होगा। ऐसे में जबकि भाजपा और कांग्रेस के बीच रिश्ते बेहद तल्ख हैं और राजग सरकार के खिलाफ पूर्व जनता परिवार एकजुट होने की कोशिश कर रहा है तो सरकार को सदन संचालन में खासी मशक्कत करनी पड़ सकती है। इस माहौल में लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने संसद की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई थी। महाजन ने बातचीत में कहा कि शीतकालीन सत्र के दौरान लोकसभा के प्रश्नकाल का समय बदलने का कोई प्रस्ताव नहीं है। शून्यकाल से सदन की कार्यवाही शुरू करने से बचा जाना चाहिए। ज्ञातव्य है कि राज्यसभा के सभापति हामिद अंसारी ने प्रश्नकाल का समय बदलने का निर्णय लिया है।

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