विजयवाड़ा, एएनआइ। बेजुबान बेसहारा कुत्तों की देखभाल करना कठिन काम है। देश में काफी लोग ऐसे हैं जो बेसहारा कुत्तों या स्ट्रीट डॉग्स को बेशुमार प्‍यार करते हैं और फिक्र करते हैं। आंध्र प्रदेश के 71 वर्षीय मुरला वेंकटेश्वरलू ऐसे ही शख्‍स हैं। वे विजयवाड़ा में अपने अनोखे 'आश्रम' में बीमार स्‍ट्रीट डाग को चिकित्सा सहायता प्रदान कर रहे हैं। मुरला वेंकटेश्वरलु ने कहा कि मैं 5 साल की उम्र से ऐसा कर रहा हूं। मुझे शुरुआत में कई आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ा था। मैं अपनी पूरी कमाई कुत्तों के इलाज पर खर्च करता था। अब लोग भी उत्साहित हैं। हमें चंदा मिल रहा है। हमें लगभग 80,000 रुपये से 1 लाख रुपये प्रति माह मिलते हैं। बीमार आवारा कुत्तों को भी लोग हमारे पास ला रहे हैं।

रतन टाटा भी करते हैं स्‍ट्रीट डाग से प्रेम

83 वर्षीय प्रसिद्ध उद्योगपति रतन टाटा भी स्‍ट्रीट डाग से अपने प्रेम के लिए जाने जाते हैं। मुंबई में उन्होंने दुर्घटना में घायल कुत्‍तों के इलाज के लिए एक शेल्टर होम बनाया है। कोई अंग गंवा चुके कुत्‍तों को गोद लेने के लिए अपने फॉलोअर को प्रोत्साहित करते हैं। पिछले दिनों रतन टाटा ने इंस्टाग्राम पर एक फोटो शेयर की है, जिसमें एक व्यक्ति बारिश में छाता लिए हुए है और उस छाते के नीचे एक कुत्ता भी है। वह व्यक्ति ताज होटल का कर्मचारी था। इसमें कर्मचारी की तारीफ भी की है। वहां से गुजरने वाले एक व्यक्ति ने फोटो क्लिक कर इसे सोशल मीडिया में वायरल कर दिया।

रतन टाटा ने पोस्ट में लिखा है कि इस मानसून में आवारा जानवरों के साथ आराम बांटना.. ताज का यह कर्मचारी काफी दयालु था क्योंकि उसने भारी बारिश में एक बेसहारा कुत्ते के साथ अपना छाता शेयर किया। मुंबई की भागदौड़ के बीच दिल को छू लेने वाला पल कैमरे में कैद हुआ है। इस तरह के संकेत बेसहारा जानवरों के लिए एक लंबा रास्ता तय करते हैं।' रतन टाटा ने इंस्टाग्राम में इस फोटो पर अब तक 11.16 लाख लोगों के लाइक्स और 4152 से अधिक लोगों के कमेंट्स आ चुके हैं।

Edited By: Arun Kumar Singh