नई दिल्ली। आंध्र प्रदेश के विभाजन के खिलाफ अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के अध्यक्ष एन चंद्रबाबू नायडू को आंध्र भवन परिसर खाली करने का नोटिस दिया गया है।

टीडीपी के प्रवक्ता शिव प्रसाद राव ने मंगलवार को कहा कि आंध्र के आवासीय आयुक्त ने टीडीपी प्रमुख नायडू को नोटिस देते हुए कहा है कि उन्हें यहां सिर्फ संवाददाता सम्मेलन आयोजित करने की अनुमति दी गई थी। लेकिन वह अनशन पर बैठ गए, जो पूरी तरह से अनधिकृत है।

राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री आंध्र प्रदेश के बंटवारे के विरोध में सोमवार को यहां बिना अनुमति के अनशन पर बैठ गए थे। इससे पहले दिन में संवाददाता सम्मेलन में नायडू ने कांग्रेस पर हमला करते हुए आरोप लगाया था कि उसने नौ करोड़ तेलुगु भाषी लोगों की कीमत पर लोकसभा चुनाव में राजनीतिक फायदे के लिए गंदा राजनीतिक खेल खेला है।

नायडू ने आज कहा कि मैंने क्या अपराध किया है? जब जगनमोहन रेड्डी जेल में थे तब उन्होंने जेल मेन्युअल के खिलाफ अनशन में हिस्सा लिया, ऐसे में मैं आंध्र भवन खाली क्यों करूं जब मैं अच्छे कारण से अनशन कर रहा हूं। उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस को बेनकाब करना चाहते हैं, जिसने तेलंगाना को लेकर वाइएसआर कांग्रेस और टीआरएस से मैच फिक्स कर लिया है। कांग्रेस हठ की राजनीति कर रही है। यह दुर्भाग्यपूर्ण हैं। साथ ही नायडू ने जोर देते हुए कहा कि समस्या का हल मित्रवत भाव से किया जाना चाहिए। मामले में न्याय होना चाहिए। कांग्रेस जो कर रही है उसे उसकी कीमत चुकानी होगी।

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