जागरण संवाददाता, अलीगढ़। कनवरीगंज में कपड़ा व्यवसायी की पत्नी और बच्ची को पिछले दिनों बेहोश कर कुछ लोग अगवा कर मोदी नगर ले गए। वह उनके चंगुल से बच कर भाग निकली। युवती का आरोप है कि उसके पति की फर्म के कर्मचारी ने उसे नशीली चाय पिलाकर अचेत कर दिया था। युवती की शिकायत पर एसएसपी ने एसओ क्वार्सी को जांच सौंपी है।

बुलंदशहर के अनूपशहर में खिड़की वाली गली निवासी रमेशचंद्र गुप्ता की बेटी स्तुति उर्फ वंदना ने सोमवार को एसएसपी नितिन तिवारी से मुलाकात की और आरोप लगाया कि ससुराल वालों के इशारे पर उसका अपहरण नौकर की मिलीभगत से किया गया था। वंदना की शादी छह साल पहले कनवरीगंज में रहने वाले कपड़ा कारोबारी सौरभ गुप्ता से हुई थी। वंदना की 18 महीने की बेटी पीहू है। वंदना के अनुसार 21 मार्च को पीहू की आंख में दर्द था। वह अपने पति के फर्म के एक कर्मचारी और बेटी को साथ लेकर स्कूटी पर रामघाट रोड स्थित एक आई सेंटर गई थी। रास्ते में उसे चक्कर आया था। आई सेंटर पहुंचकर उसने नौकर से कहा कि कुछ ऐसा ला दो ताकि चक्कर बंद हो जाए। नौकर आसपास से चाय लाया था जिसे पीने के कुछ देर बाद वह अचेत हो गई थी। उसे इतना याद है कि चार लोगों ने उसे पकड़कर एक गाड़ी में डाला और कहीं ले गए। होश आने पर खुद को मोदीनगर में पाया। अपहृर्ताओं ने सोने की चार अंगूठी, चेन और मोबाइल फोन छीन लिया था। वहां उसे दोनों वक्त खाना और बच्ची को दूध दिया गया मगर ये नहीं बताया कि उसे किसने उठवाया और क्यों।

वंदना ने बताया कि 27 मार्च को सभी अपहृर्ता नशे में थे, मौका पाकर वह बेटी को लेकर वहां से भाग निकली। कुछ दूरी पर एक वृद्ध मिले थे, रात में उन्होंने अपने घर में शरण दी। वहीं से अपने पिता को जानकारी दी थी। उधर, वंदना के पति सौरभ गुप्ता का कहना है कि ये सच है पीहू की जांच कराने के लिए वंदना उनके नौकर के संग गई थी। आई सेंटर से वह अचानक गायब हो गई थी। उन्होंने वंदना की गुमशुदगी उसी दिन क्वार्सी थाने में दर्ज कराई थी। नौकर पर अपहरण करने का आरोप सरासर गलत है।

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