नई दिल्ली,एजेंसियां। सीरम इंस्टीट्यूट आफ इंडिया (SII) कोरोना महामारी से लड़ने में मदद करने के लिए नेपाल, म्यांमार और बांग्लादेश को कोविशील्ड वैक्सीन की 10 लाख खुराक का निर्यात करेगा। इससे इन देशों में कोरोना टीकाकरण में तेजी आएगी। भारत सरकार ने इसके लिए उसे अनुमति दे दी है। एस्ट्राजेनेका-आक्सफोर्ड द्वारा विकसित वैक्सीन को भारत में पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट आफ इंडिया कोविशील्ड के नाम बना रही है।

बता दें कि स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने 20 सितंबर को घोषणा की थी कि भारत 'वैक्सीन मैत्री' कार्यक्रम के तहत और कोवैक्स ग्लोबल पूल के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पूरा करने के लिए 2021 की चौथी तिमाही में कोरोना टीकों का निर्यात फिर से शुरू करेगा।

सीरम इंस्टीट्यूट आफ इंडिया ने अबतक कोरोना वैक्सीन कोविशील्ड की लगभग 78 करोड़ खुराक की आपूर्ति की है। इसका लक्ष्य अक्टूबर के महीने में लगभग 21.50 करोड़ खुराक की आपूर्ति करना है। शुक्रवार को समाचार एजेंसी एएनआइ को सूत्रों ने यह जानकारी दी। इससे पहले समाचार एजेंसी एएनआइ ने शुक्रवार को बताया कि केंद्र ने इस महीने 27-28 करोड़ टीके खरीदने का लक्ष्य रखा है और अक्टूबर के मध्य से पहले 100 करोड़ टीका हासिल करने की संभावना है।

सूत्रों ने बताया कि इतनी खुराकों को हासिल करने का लक्ष्य सीरम इंस्टीट्यूट आफ इंडिया की कोविशील्ड और भारत बायोटेक की कोविड वैक्सीन कोवैक्सिन से पूरा होगा। भारत ने सितंबर के महीने में 25 करोड़ से अधिक वैक्सीन की खरीद की है।

समाचार एजेंसी पीटीआइ के अनुसार सीरम ने कोविशील्ड की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को बढ़ाकर 20 करोड़ डोज प्रति माह कर दिया है और केंद्र को सूचित किया है कि वह अक्टूबर में लगभग 22 करोड़ डोज की आपूर्ति करने में सक्षम होगा। साथ ही भारत बायोटेक वर्तमान में हर महीने कोवैक्सिन की लगभग 3 करोड़ खुराक का उत्पादन कर रहा है और आने वाले महीनों में इसका उत्पादन 5 करोड़ तक बढ़ने की संभावना है। 

Edited By: Tanisk